भागलपुर: काली पूजा विसर्जन को लेकर केंद्रीय महासमिति ने किया रूट का निरीक्षण
काली पूजा केंद्रीय महासमिति ने विसर्जन घाटों और रूट का निरीक्षण किया। जानें क्या हैं प्रशासन के नियम और सुरक्षा इंतजाम।

अंग क्षेत्र में सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली काली पूजा के उत्सव के बीच अब विसर्जन की तैयारियां तेज हो गई हैं। रविवार, 8 नवंबर 2026 को भागलपुर काली पूजा विसर्जन की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए काली पूजा केंद्रीय महासमिति ने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया। समिति के अध्यक्ष बृजेश शाह के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि विसर्जन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
महासमिति के मीडिया प्रभारी राकेश रंजन केसरी ने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना और विसर्जन जुलूसों के लिए आपसी समन्वय स्थापित करना था। प्रतिनिधिमंडल ने शहर के पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों, जिनमें कटलबारी, जवारिपुर और बरारी जैसे इलाके शामिल हैं, वहां की स्थानीय पूजा समितियों से मुलाकात की और जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
सुरक्षा और प्रशासन के कड़े नियम
भागलपुर में त्योहारों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन के कड़े दिशा-निर्देश लागू रहते हैं। विसर्जन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- विसर्जन जुलूसों के लिए आधिकारिक लाइसेंस होना जरूरी है।
- रात 10 बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए शोर पर पाबंदी रहेगी।
- डीजे (DJ) के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
- समितियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्वयंसेवकों की तैनाती करनी होगी।
- आगजनी रोकने के लिए रेत और पानी जैसे अग्निशमन इंतजाम रखने होंगे।
प्रशासन और महासमिति के बीच इस बात पर भी चर्चा हुई कि विसर्जन घाटों पर पर्याप्त रोशनी हो, सड़कों की मरम्मत समय पर पूरी हो जाए और ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो। जिले भर में सैकड़ों पंडालों की स्थापना के बाद अब पूरा ध्यान सुरक्षित विसर्जन पर केंद्रित है।