लाजपत पार्क में दुर्गा पूजा की शानदार तैयारी शुरू, जानिए क्या है इस मंदिर का खास इतिहास

MyBhagalpur Team4 October 20262 min read0 viewsCity Local
लाजपत पार्क में दुर्गा पूजा की शानदार तैयारी शुरू, जानिए क्या है इस मंदिर का खास इतिहास

भागलपुर में आने वाले दुर्गा पूजा त्योहार की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। स्थानीय कमेटियां पंडाल बना रही हैं और मंदिरों में साफ-सफाई तथा रंगाई का काम शुरू हो गया है। इन सभी जगहों में लाजपत पार्क स्थित दुर्गा मंदिर का इतिहास बहुत पुराना और खास है, जहां साल 1953 से लगातार मां दुर्गा की पूजा हो रही है।

इस मंदिर की शुरुआत स्वर्गीय महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने की थी, जिनकी इच्छा बेटा पाने की थी। उनकी यह इच्छा पूरी होने के बाद, उन्होंने साल 1988 तक मंदिर की धार्मिक जिम्मेदारियां संभालीं। उनके निधन के बाद यह जिम्मेदारी उनके परिवार को मिल गई और अभी इसे उनके बेटे अश्विनी गुप्ता संभाल रहे हैं। त्योहार के दौरान इस मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगे प्रकाश से सजाया जाता है और यहां चार दिनों का मेला लगता है जिसे देखने और दर्शन करने के लिए भारी संख्या में लोग और भक्त पहुंचते हैं।

मूर्ति निर्माण और कलाकारों की परंपरा

अश्विनी गुप्ता ने बताया कि मूर्ति बनाने और मंदिर की मरम्मत का काम पहले से ही शुरू हो चुका है। यह मूर्ति अंबी के रहने वाले मूर्तिकार रंजित पंडित बना रहे हैं, जो अपने परिवार की पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। रंजित पंडित ने बताया कि वे पिछले 40 साल से मूर्तियां बना रहे हैं, और यह काम उन्होंने अपने पिता से सीखा है। मूर्ति का काम समय पर पूरा हो सके इसलिए इसे लगभग एक महीने पहले शुरू कर दिया जाता है। इस बार बनाई जा रही मूर्ति की ऊंचाई 10 फीट है और इसे पारंपरिक रूप और सुंदरता पर पूरा ध्यान देकर तैयार किया जा रहा है।

मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम

पहले इस मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर रामलीला और रावण दहन के कार्यक्रम होते थे जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे, लेकिन समय के साथ यह परंपरा बंद हो गई। अब भी इस जगह पर चार दिनों का मेला लगता है जिसमें बच्चों के लिए झूले और मिकी माउस जैसे मनोरंजन के साधन होते हैं। इसके अलावा, दशमी के दिन बाहर से बुलाए गए कलाकारों द्वारा एक भक्ति जागरण कार्यक्रम भी किया जाएगा।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment