भागलपुर: 13 साल से फरार वकील को पुलिस ने पकड़ा, गिरफ्तारी के तरीके पर बढ़ा हंगामा

भागलपुर कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तटरपुर थाना पुलिस ने एक वकील को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद जिला बार एसोसिएशन में भारी आक्रोश देखा गया।
मुख्य बातें:
* तटरपुर पुलिस ने वकील सुबोध कृष्ण दास को हिरासत में लिया।
* आरोपी वकील करीब 13 साल से कानूनी मामले में फरार था।
* गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा वकील को घसीटने के आरोप लगे हैं।
* जिला बार एसोसिएशन ने पुलिस के व्यवहार पर कड़ा विरोध जताया है।
पुलिस ने ऐसे की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वकील सुबोध कृष्ण दास एक कानूनी मामले में लगभग 13 वर्षों से फरार चल रहे थे और पुलिस काफी समय से उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस को सूचना मिली कि दास कोर्ट गेट के पास मौजूद हैं, जिसके बाद तटरपुर थाना की एक टीम ने वहां पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान यह आरोप लगे कि पुलिस ने वकील को उनके काले कोट में ही घसीटा। इस घटना का वीडियो और खबरें वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गईं।
बार एसोसिएशन का विरोध
जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अंजनी कुमार दुबे ने पुलिस के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। दुबे ने कहा कि अगर किसी वकील के खिलाफ मामला दर्ज है, तो पुलिस को एसोसिएशन को सूचित करना चाहिए ताकि कानूनी प्रक्रिया में सहयोग मिल सके। उन्होंने गिरफ्तारी के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि पुलिस ने उनके साथ एक आम अपराधी जैसा व्यवहार किया और जरूरत से ज्यादा बल का प्रयोग किया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
वहीं कुछ स्थानीय लोगों का कहना था कि एक दशक से ज्यादा समय से फरार आरोपी होने के नाते दास को सरेंडर करना चाहिए था या जमानत लेनी चाहिए थी। उनका मानना था कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे वह वकील ही क्यों न हो। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वकील को घसीटकर ले जाने के जिस तरीके पर बार एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है, वह सही है। पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के दौरान अपनाए गए तरीकों पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।