रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को महाअष्टमी के मौके पर भागलपुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। दिनभर बड़ी संख्या में महिलाओं ने मां दुर्गा को दलिया और खोइंचा चढ़ाने जैसी धार्मिक रस्में निभाईं। शाम होते ही शहरभर के पंडालों में मूर्तियों के दर्शन के लिए भीड़ बहुत बढ़ गई।
इस जश्न का मुख्य आकर्षण मारवाड़ी पाठशाला में बना भव्य पंडाल रहा। ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर डिजाइन किए गए इस ढांचे को कोलकाता से लाए गए एक दर्जन से ज्यादा कारीगरों ने एक महीने से अधिक की मेहनत के बाद पूरा किया।
जिला मजिस्ट्रेट अलंकारिता पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 17 अक्टूबर को फ्लैग मार्च निकाला गया था। इसके अलावा कोसी डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने तीन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक को लेकर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है, खासकर व्यस्त बाजारों और मेले की जगहों पर। स्थानीय पुलिस और फायर डिपार्टमेंट द्वारा सुरक्षा नियमों की समीक्षा के बाद, पूजा समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आने-जाने के लिए अलग रास्ते और पुरुष व महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें बनाएं ताकि कहीं भी भीड़भाड़ की कोई घटना न हो।
बुनियादी ढांचे की तैयारी भी प्राथमिकता रही है, जिसमें नगर निगम ने जुलूसों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए 5 अक्टूबर को 21 प्रमुख सड़कों की मरम्मत का प्रोजेक्ट शुरू किया था। जैसे-जैसे शहर 20 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के समापन की ओर बढ़ रहा है, वैसे ही मूर्ति विसर्जन समारोह के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।