भागलपुर की ‘अंग बेटी’ नमिता ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे पहाड़ किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा, बैंक की नौकरी के साथ पूरा किया सपना

Lov Singh30 January 20262 min read104 viewsDevelopment and good news
भागलपुर की ‘अंग बेटी’ नमिता ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे पहाड़ किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा, बैंक की नौकरी के साथ पूरा किया सपना

भागलपुर के इसहाकचक की रहने वाली पर्वतारोही नमिता कुमारी ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी कर ली है। नमिता ने 24 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर 5,895 मीटर ऊंची इस चोटी पर भारत का तिरंगा फहराया। उन्हें लोग प्यार से ‘अंग की बेटी’ कहकर भी बुलाते हैं।

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150 बेटियों के सम्मान में खास मिशन

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नमिता ने अपनी यह चढ़ाई 150 बेटियों और उनके परिवारों को समर्पित की है। वह अपने साथ एक खास बैनर लेकर पहाड़ की चोटी पर गई थीं, जिस पर 150 लड़कियों का प्रतिनिधित्व था। यह संख्या राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने की खुशी में चुनी गई थी। यह नमिता के ‘सेवन समिट्स’ मिशन का दूसरा बड़ा पड़ाव था। इससे पहले उन्होंने अगस्त 2025 में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई की थी।

बैंक की नौकरी और पर्वतारोहण का खर्चा

नमिता कुमारी वर्तमान में पटना के करबिगहिया स्थित बिहार ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम करती हैं। उनके पिता त्रिभुवन पांडेय और माता चिंता देवी ने हमेशा उनके सपनों का साथ दिया है। किलिमंजारो की चढ़ाई आसान नहीं होती और इसमें अच्छा खासा खर्चा आता है।

  • कुल खर्चा: भारतीय पर्वतारोहियों के लिए इस मिशन का खर्च करीब 2.5 लाख से 4 लाख रुपये तक आता है।
  • पार्क फीस: तंजानिया में पार्क में प्रवेश और संरक्षण के लिए प्रतिदिन लगभग 70 से 80 डॉलर फीस लगती है।
  • नियम: यहां अकेले चढ़ाई करने की अनुमति नहीं है, साथ में लोकल गाइड होना अनिवार्य है।

अगला लक्ष्य और घर वापसी

नमिता ने दार्जिलिंग के हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से 2022 में प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली थी। इस सफलता के बाद अब उनकी नजर दक्षिण अमेरिका के एकांकागुआ या उत्तरी अमेरिका के डेनाली पर्वत पर है। भागलपुर में उनके वापस लौटने पर भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है। स्थानीय प्रशासन और लोगों में इस उपलब्धि को लेकर काफी उत्साह है।

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