भागलपुर में मकान मालिकों के लिए बड़ी खबर, बिना नक्शा बने घर को लेकर सम्राट अशोक भवन में आज से लगा कैंप

Lov Singh2 February 20262 min read92 viewsCity Local
भागलपुर में मकान मालिकों के लिए बड़ी खबर, बिना नक्शा बने घर को लेकर सम्राट अशोक भवन में आज से लगा कैंप

भागलपुर में बिना नक्शा पास कराए घर बनाने वालों पर नगर निगम अब सख्ती करने की तैयारी में है। शहर के सम्राट अशोक भवन में आज यानी 2 फरवरी 2026 से एक विशेष कैंप की शुरुआत हो गई है। यह कैंप अगले चार सप्ताह तक चलेगा जहां लोग अपने मकान का नक्शा पास करवा सकेंगे। नगर आयुक्त ने साफ किया है कि बिना नक्शा पास कराए बने भवन अवैध माने जाएंगे और ऐसे लोगों को यह आखिरी मौका दिया जा रहा है कि वे अपने कागजात सही कर लें।

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कैंप में क्या सुविधाएं मिलेंगी और कैसे होगा काम?

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नगर निगम ने लोगों की सुविधा के लिए सम्राट अशोक भवन में नक्शा शाखा (Map Department) के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यहां लोग अपने मकान का नक्शा ड्राफ्ट करवा सकते हैं और उसे सत्यापित भी करवा सकते हैं। नगर निगम ने पारदर्शिता के लिए एक डिजिटल मॉनिटरिंग ऐप भी शुरू किया है जिससे नक्शा पास होने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकेगी। यह कैंप ‘वन-स्टॉप’ सुविधा की तरह काम करेगा ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और नियमों के मुताबिक आवेदन प्रोसेस हो सके।

नक्शा पास कराने में कितना लगेगा खर्च?

बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2014 के तहत नक्शा पास कराने और अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं। आवासीय और गैर-आवासीय भवनों के लिए रेट अलग हैं। इसके अलावा लेबर सेस और स्कैनिंग चार्ज भी देना होगा। नीचे दी गई तालिका में आप अनुमानित खर्च देख सकते हैं:

मद (Item) शुल्क (Fee)
आवासीय परमिट फीस (10 मीटर तक) ₹12 प्रति वर्ग मीटर (लगभग)
गैर-आवासीय परमिट फीस ₹24 से ₹50 प्रति वर्ग मीटर
जुर्माना (Residential Compounding) ₹2,000 प्रति वर्ग मीटर
जुर्माना (Commercial Compounding) ₹3,000 प्रति वर्ग मीटर
स्कैनिंग और पेस्टिंग शुल्क ₹100 फिक्स

कैंप के बाद क्या कार्रवाई होगी?

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कैंप मकान मालिकों के लिए अपनी गलती सुधारने का एक मौका है। जो लोग इस चार सप्ताह के कैंप के दौरान अपने निर्माण को नियमित नहीं कराएंगे, उन पर बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 313, 314 और 315 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कैंप खत्म होने के बाद ऐसे अवैध भवनों को चिन्हित कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा या फिर तोड़ने का नोटिस भी दिया जा सकता है, इसलिए समय रहते आवेदन करना समझदारी होगी।

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