भागलपुर: त्योहारों से पहले कचरे के ढेर से शहर बेहाल, नगर निगम के दावे निकले खोखले
दिवाली और छठ पूजा से पहले भागलपुर की सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं और निगम के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

दिवाली और छठ महापर्व जैसे बड़े त्योहारों की दस्तक है, लेकिन भागलपुर शहर की जमीनी हकीकत डराने वाली है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का दावा करने वाला नगर निगम पूरी तरह विफल नजर आ रहा है। आलम यह है कि सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के बड़े-बड़े अंबार लग गए हैं, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई, लेकिन उसके अगले ही दिन प्रशासनिक लापरवाही साफ नजर आने लगी। शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था इतनी लचर है कि पहली पाली में जैसे-तैसे सफाई हुई, लेकिन दूसरी पाली आते-आते डंपिंग स्थलों और बाजारों के आसपास फिर से गंदगी का ढेर लग गया। त्योहारों के इस व्यस्त समय में जब बाजारों में भीड़ बढ़ रही है, तब सड़कों पर फैली गंदगी और उससे उठने वाली बदबू ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी है।
गनीचक इलाके में हालात सबसे खराब, लोगों में भारी आक्रोश
नगर निगम की इस घोर लापरवाही का सबसे बुरा असर वार्ड संख्या 39 के गनीचक इलाके में दिख रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से यहां भारी मात्रा में कचरा जमा है, जिसे हटाने की जहमत निगम प्रशासन ने नहीं उठाई। रिहायशी इलाकों और मुख्य मार्ग के पास कचरे के पहाड़ खड़े हैं, जिनकी तीव्र दुर्गंध ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है।
छठ पूजा जैसे पवित्र महापर्व के समय ऐसी अव्यवस्था से स्थानीय लोग बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे नगर निगम प्रशासन के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, निगम की लचर मॉनिटरिंग ने उसकी तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है।