भागलपुर में वार्ड पार्षदों और कर्मचारियों के विवाद से ठप हुआ विकास कार्य

MyBhagalpur Team22 August 20262 min read31 viewsCity Local
भागलपुर में वार्ड पार्षदों और कर्मचारियों के विवाद से ठप हुआ विकास कार्य

भागलपुर में पार्षद एकता मंच और नगर निगम कर्मचारी यूनियन के बीच चल रहे विवाद के कारण शहर के विकास कार्य पूरी तरह से रुक गए हैं। 12 अगस्त को हुई हंगामेदार बोर्ड बैठक के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है। पार्षद एकता मंच के अध्यक्ष अनिल पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योजना विभाग में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है।

अनिल पासवान के मुख्य आरोप और मांगें


  • 62 लाख रुपये की लागत से 155 सोक पिट के निर्माण में गड़बड़ी।
  • विसर्जन घाटों के सौंदर्यीकरण और सड़क निर्माण परियोजनाओं में अनियमितता।
  • स्वतंत्र जांच की मांग और 12 से 13 साल से एक ही विभाग में जमे कर्मचारियों का ट्रांसफर।
  • रिकॉर्ड्स को सार्वजनिक करने की मांग।
  • मांगें पूरी न होने पर बिहार विधानसभा और हाईकोर्ट जाने की चेतावनी।

कर्मचारियों का पलटवार


नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने एक पार्षद पर ठेकेदारों और इंजीनियरों को डराकर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, यूनियन ने गोपनीय दस्तावेज चोरी होने का आरोप भी लगाया और पार्षद के आचरण की शिकायत अन्य चुने हुए प्रतिनिधियों से करने का फैसला किया है। यूनियन के सदस्यों ने शनिवार को सुबह और शाम को एक-एक घंटे का विरोध प्रदर्शन किया।

विकास कार्य ठप और पार्षदों की चिंता


इस लगातार गतिरोध के कारण सामान्य समिति की बैठकें बार-बार स्थगित हो रही हैं, जिससे पिछले एक महीने से विकास कार्य ठप पड़े हैं। वार्ड 13 के पार्षद रंजीत कुमार और कई अन्य प्रतिनिधियों ने मेयर और नगर निगम कमिश्नर को एक औपचारिक पत्र सौंपा है। उन्होंने चिंता जताई है कि इस गतिरोध से जनता के बीच उनकी छवि खराब हो रही है। उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने और विकास कार्यों को फिर से शुरू करने के लिए स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के खिलाफ सभी आरोपों की व्यापक जांच की मांग की है। इससे पहले वार्ड 39 की पार्षद शाहिदा खातून ने भी मेयर और नगर निगम कमिश्नर को इन चिंताओं को लेकर ऐसा ही पत्र सौंपा था।

Share:

Comments

Leave a comment