भागलपुर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने साल 2012 से एक ही शाखा या एक ही डेस्क पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। समिति के सदस्यों ने नगर आयुक्त को औपचारिक पत्र लिखकर 2012 से तैनात सभी कर्मियों की शाखा-वार और वर्ष-वार पूरी सूची मांगी है।
समिति ने जोर देकर कहा है कि तबादला और डेस्क-बदलाव की प्रक्रिया नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सख्ती से की जानी चाहिए। ये उपाय बिहार नगर पालिका अधिनियम, 2007 की धारा 67 के अनुरूप हैं, जो यह अनिवार्य करती है कि बिहार के सभी शहरी स्थानीय निकायों में एक ही पद या प्रभार में तीन साल से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मियों का तबादला प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, समिति के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी अंतिम तबादला सूची के प्रकाशन से पहले सशक्त स्थायी समिति से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समिति से पहले परामर्श किए बिना ऐसी कोई भी सूची जारी न करने का आग्रह किया है। नगर आयुक्त को सौंपे गए इस औपचारिक पत्र पर अश्विनी मोंटी जोशी, मनीष कुमार, संजय कुमार सिन्हा और अभिषेक आनंद समेत अन्य सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।