भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नगर निगम कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मेयर ने की और इसमें नगर आयुक्त, नोडल अधिकारी, सुपरवाइजर तथा अंचल प्रभारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राहत कार्यों को तेज करना और प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों के फैलने को रोकना था। मेयर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी नामित अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने के लिए मैदान में रहना होगा। बाढ़ प्रभावित वार्डों में विशेष सफाई और फॉगिंग को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रभावित वार्डों में वार्ड 1, 2, 3, 4, 7, 9, 10, 18, 21, 22, 27 और 29 शामिल हैं। इन क्षेत्रों और सात स्थापित राहत शिविरों में दिन में दो बार सफाई की जाएगी। इसके अलावा नियमित रूप से चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, लार्वारोधी छिड़काव और हर शाम सघन फॉगिंग की जाएगी।
सात चिन्हित राहत शिविरों महाशय ड्योढ़ी, सीटीएस/चर्च ग्राउंड, बाल निकेतन, पुराना इवनिंग कॉलेज, तिलहा कोठी, टीएनबी कॉलेजिएट और पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में पीने का पानी, मोबाइल शौचालय, कचरा पात्र और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सफाई कर्मियों को यूनिफॉर्म, दस्ताने और जूते उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।
जलभराव से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के जवाब में प्रशासन ने खतरनाक नीचे लटकते बिजली के तारों की बिजली तुरंत काटने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विस्थापित और प्रभावित निवासियों को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से राशन का प्रभावी वितरण सुनिश्चित करें।