भागलपुर नगर निगम की सख्ती: 20 करोड़ बकाया होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान शुरू

भागलपुर नगर निगम ने 15,000 बड़े होल्डिंग टैक्स बकायादारों को निशाना बनाते हुए एक सख्त प्रवर्तन अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य 20 करोड़ रुपये के बकाया राजस्व की वसूली करना है। इस अभियान में शहर के कुल 83,000 होल्डिंग मालिक शामिल हैं, जिनमें निजी मकान, सरकारी संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कॉलेज शामिल हैं। 11 अक्टूबर 2026 तक, निगम इन 15,000 बकायादारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में है। 10 अक्टूबर 2026, शनिवार तक लगभग 5,000 नोटिस तैयार किए गए थे और अगले तीन दिनों में घर-घर वितरण के लिए तहसीलदारों और नगर निगम कर्मचारियों को सौंप दिए गए थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने पर बकाया राशि का भुगतान न करने पर अधिकारियों के सामने अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा और उसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह वसूली अभियान 2026-27 वित्तीय वर्ष के दौरान लागू किए गए प्रशासनिक उपायों की एक श्रृंखला के बाद आया है। कर प्रवाह को तेज करने के लिए सितंबर 2026 को राजस्व वसूली महीना घोषित किया गया था। 1 अक्टूबर 2026 से, निगम ने अवैतनिक होल्डिंग टैक्स पर 1.5% मासिक चक्रवृद्धि ब्याज लगाना शुरू कर दिया। इससे पहले, निगम ने अप्रैल से जून के बीच किए गए भुगतानों के लिए 5% छूट की पेशकश की थी, जबकि सितंबर 2026 तक चुकाए गए भुगतान अतिरिक्त ब्याज से मुक्त थे। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने पहले मार्च 2026 में सात दिन का अल्टीमेटम जारी किया था, जिसमें लगातार भुगतान न करने पर बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत संपत्ति कुर्क करने और एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी गई थी। आयुक्त कुशवाहा ने यह भी निर्देश दिया है कि बिना ट्रेड लाइसेंस के व्यवसाय चलाने या स्वीकृत नक्शे के बिना भवन निर्माण करने पर वित्तीय जुर्माना लगाया जाएगा। मेयर डॉ. वसुंधरा लाल की देखरेख में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए निगम के 619 करोड़ रुपये के बजट में होल्डिंग टैक्स से कुल 35 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान लगाया गया है। उप नगर आयुक्त आमिर सुहैल और राजेश पासवान ने इन वसूलियों में तेजी लाने की देखरेख के लिए महत्वपूर्ण बैठकें की हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि नगर निगम के कर्मचारी और तहसीलदार दोनों वर्तमान वसूली अभियान की गति बनाए रखें।