भागलपुर में खराब पड़े शौचालयों के बीच 74 नए निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

भागलपुर नगर निगम पर पुराने शौचालयों की खराब हालत के बावजूद शहर में 74 नए सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय बनाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले दस साल में स्टेशन चौक, Lohia Pul के पास, प्रधान डाकघर और कचहरी चौक के रास्ते पर मुख्य जगहों पर शौचालय बनाने में लाखों रुपये खर्च किए गए थे। हर यूनिट को बनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए थे, लेकिन पानी की कमी, देखभाल न होने और टूटी-फूट चीजों के कारण कई शौचालय खराब हो गए हैं। स्टेशन चौक के पास का मूत्रालय जैसी कई सुविधाएं ज्यादा खराब होने की वजह से हटा दी गईं। Smart City योजना के तहत करीब एक साल पहले तीन करोड़ रुपये की लागत से 25 इलेक्ट्रॉनिक शौचालय भी बनाए गए थे। देखने में आधुनिक होने के बाद भी अब इनमें सामान टूटा हुआ है, दरवाजे गायब हैं और ये ठीक से काम नहीं करते हैं। नगर निगम ने कई जगहों पर रेडीमेड शौचालय भी लगाए थे, लेकिन उनकी भी वैसी ही उपेक्षा हुई और कई बिना दरवाजों के रह गए। इन पुरानी समस्याओं के बाद भी निगम ने 74 जगहों पर कुल 298 सीटों वाली सुविधाएं बनाने का नया प्रोजेक्ट शुरू किया है। निर्माण, प्लंबिंग और बिजली के खर्च को छोड़कर हर सीट की कीमत करीब 32,000 रुपये आंकी गई है, जिससे लोग और स्थानीय लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि पुरानी इमारतों की देखभाल से ज्यादा नए निवेश को क्यों प्राथमिकता दी जा रही है। आलोचक पुराने प्रोजेक्ट्स के खर्च और नई सुविधाओं की लंबी देखभाल की रणनीति को लेकर जवाब मांग रहे हैं ताकि उनका हाल भी पहले जैसा न हो।