भागलपुर नगर निगम ने शहर में पुराने कचरे के निष्पादन के काम को तेज करने और पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाया है। नगर आयुक्त ने कचरे के काम की रोज की निगरानी और सभी बिलों की जांच के लिए पांच लोगों की कमेटी बनाई है।
- कमेटी में पांच अधिकारी शामिल हैं
- रोज काम की प्रगति की रिपोर्ट बनेगी
- स्थल पर जाकर जांच करनी होगी
- रिपोर्ट के बाद ही भुगतान होगा
इस कमेटी में
सिटी मैनेजर असगर अली, टाउन प्लानर मन्नू यादव, जूनियर इंजीनियर कृष्णा प्रसाद, और अमीन जयचंद कुमार सिंह व अजीज आलम शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक कचरे के निष्पादन का काम चल रहा है, इसलिए साफ-सुथरे काम और बिलों की सही जांच के लिए यह जरूरी है कि रोज की रिपोर्ट तैयार हो।
सरकारी आदेश के मुताबिक इन अधिकारियों को
कार्यस्थल पर जाकर भौतिक जांच करनी होगी। एजेंसी के दावों और बिलों का जमीन पर हो रहे काम से मिलान करके नगर आयुक्त को रिपोर्ट देनी होगी। इन रिपोर्टों की जांच के बाद ही एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। नगर आयुक्त ने इसे बहुत जरूरी काम बताया है और सभी अधिकारियों को तुरंत काम संभालने का आदेश दिया है। जन स्वच्छता अधिकारी शशि भूषण सिंह ने पुष्टि की है कि नगर निगम पुराने कचरे के निस्तारण को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने बताया कि काम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ही इस कमेटी का गठन किया गया है।