भागलपुर नगर निगम की लापरवाही और खराब व्यवस्था के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बहुत खराब हो गई है। मुसहरी घाट ट्रांसफर स्टेशन का शेड तीन महीने पहले तेज आंधी में टूट गया था, जो अभी तक नहीं बना है। इसके अलावा निगम के अधिकारियों ने वहां से कचरा दबाने वाली मशीन यानी कॉम्पैक्टर मशीन भी हटा ली है, जिससे कचरा उठाने और समय पर काम करने में परेशानी हो रही है।
- तीन महीने पहले तेज आंधी में टूटा था मुसहरी घाट ट्रांसफर स्टेशन का शेड।
- निगम अधिकारियों ने मौके से कचरा कॉम्पैक्टर मशीन को हटाया।
- कचरा उठाने के काम पर पड़ रहा है बुरा असर और समय की हो रही बर्बादी।
पहले यह मशीन ट्रैक्टरों से आने वाले कचरे को दबाती थी, जिससे चार ट्रैक्टरों का कचरा एक ही हिवा ट्रक में आ जाता था। इस व्यवस्था से कचरे को कंकैयाठी डंपिंग यार्ड तक ले जाने के लिए रोजाना सिर्फ 10 से 15 चक्कर लगाने पड़ते थे।
अब मशीन हटने की वजह से कचरा दबाया नहीं जा सकता है और एक हिवा ट्रक में केवल दो ट्रैक्टरों के बराबर ही कचरा आ पा रहा है। इसकी वजह से अब हिवा ट्रकों को उतना ही कचरा ले जाने के लिए रोजाना 20 से 30 चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे संसाधन ज्यादा लग रहे हैं, ईंधन की बर्बादी हो रही है और काम करने का समय भी बढ़ गया है। इस लापरवाही की वजह से मुसहरी घाट पर कचरे का ढेर लग गया है, जिससे बदबू और कचरे के फैलने से स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।
स्वास्थ्य शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल ने बताया कि तीन महीने पहले आंधी से शेड टूटने के बाद मशीन असुरक्षित हो गई थी, इसलिए उसे वहां से हटा लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जब नया आरएफपी मॉडल लागू हो जाएगा, तब ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी नई चुनी गई एजेंसी की होगी।