बड़ी खबर: भागलपुर म्यूजियम में सजेगा बिहुला-विशहरी उत्सव, देखें पूरा प्रोग्राम

भागलपुर के म्यूजियम स्थित अंग संस्कृत भवन में मंगलवार शाम को बिहुला-विशहरी उत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह कार्यक्रम कला एवं संस्कृति विभाग और भागलपुर जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य बातें:
- कार्यक्रम मंगलवार, 18 अगस्त 2026 की शाम 5:30 बजे शुरू होगा।
- किलकरी बिहार बाल भवन द्वारा ग्रुप सितार पर प्रस्तुति दी जाएगी।
- राज्य सरकार ने बिहुला-विशहरी पूजा को 'राज्य उत्सव' घोषित किया है।
- इसका उद्देश्य अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, मंजुषा कला और लोक कथाओं को दुनिया भर में पहुँचाना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी
जिला कला एवं संस्कृति अधिकारी अंकित रंजन ने पुष्टि की है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। इस दौरान किलकरी बिहार बाल भवन के कलाकार ग्रुप सितार बजाकर अपनी प्रस्तुति देंगे। यह आयोजन राज्य सरकार के उस फैसले का हिस्सा है जिसमें बिहुला-विशहरी पूजा को आधिकारिक तौर पर 'राज्य उत्सव' का दर्जा दिया गया है, ताकि मंजुषा कला और अंग क्षेत्र की लोक मान्यताओं को वैश्विक पहचान मिल सके।
उत्सव का पूरा शेड्यूल
सेंट्रल विशहरी पूजा कमेटी द्वारा तय किए गए 2026 के कार्यक्रम के अनुसार, 16 अगस्त को माँ विशहरी की मूर्तियों की स्थापना की गई और 17 अगस्त को 'कुमारी डलिया' अर्पण और जुलूस निकाला गया। अब उत्सव अपने चरम पर है। आज हजारों विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए 'डलिया' और 'खोइछा' अर्पित करेंगी, जिसके बाद शाम को 'महारती' का आयोजन होगा।
सुरक्षा और अन्य आकर्षण
मूर्तियों का विसर्जन 19 अगस्त को किया जाएगा। इस दौरान शहर भर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। इस पूरे उत्सव में लोक नाटक, संगीत, नृत्य और मंजुषा लोक कला की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसमें पारंपरिक खान-पान और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।