भागलपुर नगर निगम की कार्यशैली को लेकर बिहार जनसंघर्ष समिति के संयोजक गौतम कुमार ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और बिना योजना के निर्माण हो रहा है, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी शहरवासी जलजमाव, जाम और गंदगी का दंश झेल रहे हैं। - भागलपुर में बिना योजना के निर्माण से शहर बदहाल - करोड़ों खर्च के बाद भी जलजमाव और जाम से जनता परेशान - जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और इंजीनियरों पर भ्रष्टाचार का आरोप
गौतम कुमार ने कहा कि मॉनसून और बारिश के दिनों में आज भी शहर की सड़कों पर घुटनों तक नाली का गंदा पानी जमा हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर में इतनी नालियों का निर्माण हुआ, तो फिर जलनिकासी क्यों नहीं हो रही?
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि निर्माण के समय न तो लेवलिंग की गई और न ही यह तय किया गया कि पानी किस दिशा में निकलेगा। समिति के संयोजक ने सीधे तौर पर निगम के जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और इंजीनियरों के गठजोड़ पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि आज निर्माण का मतलब सिर्फ जेसीबी से गड्ढा खोदना, कंक्रीट बिछाना और अपना कमीशन तय करना रह गया है। यही कारण है कि सफाई व्यवस्था से लेकर सड़कों के निर्माण तक हर जगह लूट मची है।
गौतम कुमार ने कहा कि शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए नगर निगम के पास कोई ठोस या दीर्घकालिक योजना नहीं है।
नतीजा यह है कि भागलपुर शहर आज चलने के बजाय रेंग रहा है। जाम, जलजमाव और चारों तरफ फैली गंदगी ने आम जनता का जीवन तनावपूर्ण बना दिया है। इस अव्यवस्था से उपजा मानसिक तनाव और फ्रस्ट्रेशन लोग अब अपने घरों में परिवारों पर निकालने को मजबूर हैं।
उन्होंने जनता से भी अपील करते हुए सवाल दागा कि जब नागरिकों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही ढूंढना है, तो फिर इन अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और हजारों कर्मचारियों की फौज की क्या जरूरत है?
जनता की गाढ़ी कमाई का टैक्स इन पर क्यों खर्च किया जाए, जब बदले में सिर्फ बदहाल सड़कें और नारकीय जीवन ही मिलना है? उन्होंने शहरवासियों से इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने और इसे चुपचाप स्वीकार न करने का आह्वान किया है।