भागलपुर के नाथनगर में गंगा की बाढ़ से हर साल उजड़ रहे हैं लोग

MyBhagalpur Team9 September 20262 min read18 viewsSad/Bad
भागलपुर के नाथनगर में गंगा की बाढ़ से हर साल उजड़ रहे हैं लोग

भागलपुर के नाथनगर प्रखंड के शंकरपुर, दिलदारपुर और बिंद टोली गांवों के लोग गंगा नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से बहुत परेशान हैं। बाढ़ के समय कई घरों में पानी 10 फीट तक भर जाता है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। कुछ लोग तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के टीला कोठी परिसर में शरण लेते हैं और कुछ लोग झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर होते हैं।

आर्थिक बर्बादी और नाव का किराया

स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बर्बाद कर देती है। बाढ़ के समय नाव से घरेलू सामान सुरक्षित जगह ले जाने का खर्च 500 से 1000 रुपये प्रति फेरा होता है और पानी उतरने पर सामान वापस लाने में भी यही खर्च दोबारा करना पड़ता है। इसके अलावा, हर साल फूस के घरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण में उनकी जमा पूंजी खत्म हो जाती है। यह पैसे उन्होंने बच्चों की शिक्षा, बेटियों की शादी और पक्के घर बनाने के लिए बचाए थे।

कर्ज का जाल और महीनों की बेरोजगारी

बाढ़ के मौसम में दो महीने तक मजदूरी न मिलने के कारण कई ग्रामीण कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। काम पर लौटने के बाद उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा आपदा के समय लिए गए कर्ज को चुकाने में खर्च हो जाता है। बाढ़ का असर आमतौर पर तीन महीने तक रहता है, और परिवार अक्सर दिवाली के आसपास ही अपने घरों में वापस लौट पाते हैं, तब तक उनकी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है।

रिंग बांध की पुरानी मांग

सालों से यह समुदाय गांवों को इन वार्षिक बाढ़ों से बचाने के लिए रिंग बांध के निर्माण की मांग कर रहा है। निवासी स्थानीय प्रशासन और सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल किया जाए ताकि उनकी मेहनत की कमाई हर साल इस आपदा में बर्बाद न हो।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment