भागलपुर और नवगछिया के साइबर थाने पिछले तीन साल से बिना अनिवार्य सीसीटीवी निगरानी के चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सभी थानों में सीसीटीवी होना चाहिए ताकि पारदर्शिता रहे, मानवाधिकारों की रक्षा हो और पुलिस की गलती या झूठे आरोपों से बचा जा सके, लेकिन दोनों जगह यह सुविधा नहीं है।
दोनों साइबर थानों की स्थापना साल 2023 में एससी/एसटी थाना परिसरों में की गई थी। शुरुआत में करीब एक महीने तक साइबर थानों ने एससी/एसटी यूनिट के उधार लिए कैमरों का इस्तेमाल किया था। जब एससी/एसटी थाने नई बिल्डिंग में चले गए, तो वे अपने उपकरण ले गए, जिससे साइबर थाने तभी से बिना मॉनिटरिंग सिस्टम के चल रहे हैं।
नए कैमरे लगवाने के लिए पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन यह मांग अभी भी प्रशासनिक फाइलों में लंबित है।
भागलपुर के एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का आवंटन गृह विभाग द्वारा किया जाता है और अभी तक उन्हें उपकरण नहीं मिले हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग से मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर साइबर थानों में कैमरे लगवा दिए जाएंगे।