भागलपुर में शारदीय नवरात्रि की धूम, बंगाली रीति-रिवाज से सजे पंडाल

भागलपुर में इस समय शारदीय नवरात्रि 2026 का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर में शंख और पारंपरिक ढीक की थाप गूंज रही है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को षष्ठी तिथि के दिन भक्त मां कात्यायनी की पूजा कर रहे हैं। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को हुई थी।
- भागलपुर में शारदीय नवरात्रि 2026 का जश्न धूमधाम से जारी है।
- शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा हो रही है।
- गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को पंचमी तिथि पर ऐतिहासिक स्थानों पर बोधन रस्म हुई।
- मुख्य मंदिरों के पट आम भक्तों के लिए खोले गए हैं।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
ऐतिहासिक स्थलों पर हुए अनुष्ठान
गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को पंचमी तिथि की शाम को मानिक सरकार घाट रोड स्थित ऐतिहासिक कालीबाड़ी और मशकचक स्थित दुर्गाबाड़ी में पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार 'बोधन' रस्म हुई। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई और मंदिर के दरवाजे आम जनता के लिए खोल दिए गए। कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा परंपरा का यह 122वां वर्ष है। वहीं आर्य धर्म प्रचारिणी सभा द्वारा संचालित दुर्गाबाड़ी में इसका 172वां वर्ष मनाया जा रहा है।
आगे के त्योहार का कार्यक्रम
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को सप्तमी तिथि पर 'केला बहू' रस्म होगी। सप्तमी तिथि दो सूर्योदय तक रहने के कारण इसे 17 और 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। भागलपुर के अन्य प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों के कपाट सप्तमी से आम भक्तों के लिए खुलने वाले हैं। महाअष्टमी 18 या 19 अक्टूबर को, महानवमी 19 अक्टूबर को और विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 को होने की उम्मीद है। प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।