शारदीय नवरात्रि शुरू, जानिए कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा

भागलपुर में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इस दौरान भक्तों ने मां भगवती का आह्वान करते हुए कलश स्थापना का अनुष्ठान किया।
- कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब में अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान हुआ।
- festival के पहले दिन भक्तों ने मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की।
- भक्तों ने विश्व कल्याण, शांति, समृद्धि और परिवार की सुख-सुविधा की प्रार्थना की।
- पिछले 15 सालों से यहां पूजा कराने वाले पंडित विपिन कुमार मिश्रा ने अनुष्ठान का महत्व बताया।
मां शैलपुत्री और हाथी पर माता का आगमन
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल है, और वह बैल की सवारी करती हैं। उनकी पूजा से भक्तों के जीवन में स्थिरता, धैर्य और सकारात्मकता आती है। इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आई हैं, जिसे धार्मिक मान्यताओं में बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि माता का हाथी पर आना अच्छी बारिश, खेती की समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। पंडित विपिन कुमार मिश्रा ने जोर देकर कहा कि नौ दिनों के नवरात्रि त्योहार का हर एक दिन उन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है जो पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान करते हैं।