भागलपुर में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2020 को सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख के लिए करवा चौथ का व्रत रखा। इस दिन की शुरुआत सूर्योदय से बिना पानी के निर्जला व्रत के साथ हुई।
- पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख के लिए रखा गया व्रत
- सूर्योदय से शुरू हुआ बिना पानी का निर्जला उपवास
- शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और करवा माता की हुई पूजा
पंडित सौरभ मिश्रा ने महावीर पंचांग के हवाले से बताया कि शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे के बीच था। इस दौरान महिलाओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता को समर्पित विस्तृत अनुष्ठान किए और पारंपरिक करवा चौथ व्रत कथा सुनी। पूजा की रस्मों के लिए करवा यानी मिट्टी का बर्तन, रोली, चावल, दीपक, फल और पारंपरिक सुहाग सामग्री जैसी खास चीजों की जरूरत पड़ी।
चंद्रमा निकलने के बाद महिलाओं ने जलती हुई बत्ती वाली छन्नी से चांद को देखा और अर्घ्य दिया। इसके बाद महिलाओं ने उसी छन्नी से अपने पतियों के चेहरे देखे और पतियों द्वारा दिया गया जल पीकर अपना व्रत तोड़ा।