भागलपुर में मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। घोघा के पन्नूचक के ईंट भट्ठा मजदूर मंगल ऋषि के निधन के बाद उनका परिवार बहुत लाचार था। परिवार के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे और लकड़ी नहीं थी, जिसके कारण उन्हें मजबूरन शव को दफनाना पड़ा। सोमवार 26 अक्टूबर 2026 को कहलगांव के अनुमंडल अधिकारी (SDO) राकेश रंजन और प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) राजीव रंजन ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी सुध ली।
- मंगल ऋषि की पत्नी सोनी देवी को सरकारी सहायता का भरोसा मिला।
- बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया शुरू हुई।
- परिवार को राशन कार्ड, पेंशन और सिलाई मशीन देने की बात कही गई।
मंगल ऋषि की पत्नी सोनी देवी अब अपने पांच बच्चों की देखरेख कर रही हैं। उन्होंने वृद्धा और विधवा पेंशन, राशन सुविधा तथा जमीन से जुड़े मामलों को हल करने की मांग की।
SDO ने परिवार को राशन कार्ड, विधवा पेंशन, सिलाई मशीन और जमीन का विवाद सुलझाने में मदद का भरोसा दिया। परिवार के नवजात शिशु को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से जोड़ने की पहल शुरू हो चुकी है। बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं ताकि लंबी अवधि का पेंशन लाभ मिल सके। प्रशासन के अनुसार परिवार के पास पहले से ही राशन, आयुष्मान, श्रम और मनरेगा जॉब कार्ड मौजूद हैं, हालांकि छोटे बच्चों के नाम राशन कार्ड में जोड़े जाने बाकी हैं। पंचायत सचिव के माध्यम से दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं ताकि परिवार को विधवा पेंशन, लक्ष्मीबाई पेंशन और कबीर अंत्येष्टि योजना का लाभ मिल सके।
परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन RSETI के माध्यम से मुफ्त सिलाई ट्रेनिंग और सिलाई मशीन देने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में परिवार को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
SDO ने बताया कि परिवार की जमीन और घर से जुड़े पेंडिंग सिविल कोर्ट के मामले की जांच की जाएगी। अगर परिवार भूमिहीन पाया जाता है, तो प्रशासन अभियान बसेरा योजना के तहत जमीन उपलब्ध करा सकता है। मीडिया में पहली खबर आने के बाद संचिता बसु के परिवार और प्राची सेवा ट्रस्ट की तरफ से इस परिवार को पहले ही 11,000 रुपये और राशन मिल चुका है।