भागलपुर के शारीरिक शिक्षकों का बुरा हाल: 4 महीने से नहीं मिला मानदेय, पेट भरने को बेच रहे झालमुरी

MyBhagalpur Team20 August 20261 min read59 viewsSad/Bad
भागलपुर के शारीरिक शिक्षकों का बुरा हाल: 4 महीने से नहीं मिला मानदेय, पेट भरने को बेच रहे झालमुरी

भागलपुर के 95 से अधिक शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य प्रशिक्षक इस समय भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पिछले चार महीनों से उन्हें उनका मानदेय नहीं मिला है, जिसके कारण उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।

मुख्य बातें:

  • 95 से अधिक प्रशिक्षक पिछले 4 महीनों से मानदेय के लिए इंतजार कर रहे हैं।
  • प्रति माह 16,000 रुपये मानदेय मिलने का प्रावधान है।
  • पैसे न मिलने के कारण शिक्षक स्कूल के बाद झालमुरी, अगरबत्ती बेचने और फूड डिलीवरी का काम कर रहे हैं।
  • जिला प्रशासन के अनुसार बजट के अभाव में भुगतान नहीं हो पाया है।

मानदेय में बढ़ोतरी और भुगतान की समस्या

यह मामला अगस्त 2025 का है, जब बिहार कैबिनेट ने शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षकों के मानदेय को 8,000 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये कर दिया था। लेकिन इस बदलाव के बावजूद भुगतान में लगातार देरी हो रही है। दिसंबर 2025 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) ने बताया था कि जिला स्तर पर फंड उपलब्ध नहीं है और इसके लिए राज्य सरकार को औपचारिक अनुरोध भेजा गया है।

मंत्रालय तक पहुंची गूंज

मई 2026 में प्रशिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के शिक्षा मंत्री से मुलाकात की थी। उस समय मंत्री ने आश्वासन दिया था कि उनकी समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और सरकार द्वारा इसका समाधान निकाला जाएगा।

बकाया राशि और स्थायी नौकरी की मांग

20 अगस्त 2026 तक प्रशिक्षक अपने बकाये का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि राज्य सरकार से नया आवंटन मिलते ही सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे। शिक्षक इस दौरान अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने अक्टूबर 2025 और मई 2026 में बकाया वेतन जारी करने और पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा देने की मांग की थी।

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