भागलपुर पुलिस का बड़ा खुलासा, अस्पताल में चल रहा था साइबर क्राइम गिरोह

भागलपुर पुलिस ने आदमपुर थाना क्षेत्र के जोगसर थाना अंतर्गत तपस्वी अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर एक किराए के कमरे से चल रहे साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सिटी डीएसपी हेमंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने छापेमारी की और पांच लोगों को उस समय गिरफ्तार किया जब वे कथित तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय साइबर धोखाधड़ी को अंतिम रूप दे रहे थे।
गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान कृष्णा कुमार सोनी (निवासी तीनपहाड़, साहिबगंज, झारखंड), तेजस्वी कुमार (निवासी लक्ष्मपुर, पीरपैंती, भागलपुर), नरहरि प्रियदर्शी (निवासी भवानीपुर, रंगरा, नवगछिया, भागलपुर), प्रह्लाद कुमार (निवासी ठाकुरजी कचहरी टोला, कदवा, नवगछिया) और सनत कुमार (निवासी गोगरी, खगड़िया) के रूप में हुई है।
बरामद सामान और धोखाधड़ी का तरीका
तलाशी के दौरान पुलिस ने 15 जिंदा कारतूस, चार लैपटॉप, एक चार्जर, सात स्मार्टफोन, सात एटीएम कार्ड, तीन एसबीआई जमा पर्ची, एक पासबुक, एक चेकबुक, चार पैन कार्ड और एक मोटरसाइकिल जब्त की। जांच से पता चला कि यह गिरोह साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त आय को ठिकाने लगाने के लिए अनजान लोगों और छात्रों से एकत्र किए गए 'म्यूल' खातों का उपयोग करके काम करता था। गिरोह इन खातों में ट्रांसफर किए गए फंड को निकालता था, कमीशन काटता था और शेष राशि अपने मास्टरमाइंड को भेज देता था।
पुलिस जांच और मकान मालिकों के लिए चेतावनी
सिटी डीएसपी हेमंत सिंह ने बताया कि इस समूह का नेटवर्क बिहार के कई जिलों और अन्य राज्यों में फैला हुआ है। जोगसर थाने में प्रासंगिक धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस वर्तमान में समूह के अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच कर रही है। इसके अलावा, सिटी डीएसपी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संदिग्धों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। उन्होंने शहर के सभी मकान मालिकों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिया कि स्थानीय पुलिस स्टेशन में किरायेदार का सत्यापन पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके किरायेदार आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं तो संपत्ति के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।