भागलपुर पुलिस ने शनिवार को 'ऑपरेशन मुस्कान' अभियान के तहत 75 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सफलतापूर्वक वापस कर दिए। इन बरामद किए गए उपकरणों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। इन फोनों को भागलपुर पुलिस लाइंस और स्थानीय साइबर पुलिस स्टेशन में नागरिकों को सौंपा गया। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव के सीधे मार्गदर्शन में और सिटी एसपी अतुलिश झा की देखरेख में चलाया गया था।
- 75 खोए और चोरी हुए मोबाइल वापस मिले
- बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये
- भागलपुर पुलिस लाइंस और साइबर थाने में बांटे गए फोन
- जिला खुफिया इकाई (DIU) और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर उपकरणों का पता लगाने के लिए निगरानी तकनीक और IMEI ट्रैकिंग का उपयोग किया।
यह रिकवरी जिला खुफिया इकाई (DIU) और साइबर पुलिस स्टेशन की एक संयुक्त टीम द्वारा की गई थी। फोन सही व्यक्तियों को वापस मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए साइबर सेल टीम ने एक कठोर सत्यापन प्रक्रिया चलाई। इसमें दा-वेदारों द्वारा उपलब्ध कराए गए खरीद बिल, IMEI नंबर और पहचान दस्तावेजों का मिलान किया गया।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि मोबाइल फोन में संवेदनशील व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा होता है, और उनके खोने से काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह नैतिक और प्रशासनिक कर्तव्य है कि वह ऐसी संपत्ति को वापस दिलाए।
एसएसपी ने कहा कि लापता हैंडसेट की शिकायतों को दूर करने के लिए 'ऑपरेशन मुस्कान' एक निरंतर पहल के रूप में जारी रहेगा। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे खोए या चोरी हुए फोन की शिकायत या FIR दर्ज कराकर और CEIR पोर्टल पर विवरण रजिस्टर करके इसकी सूचना दें।