भागलपुर में दिखा अनोखा उत्साह! प्रेमचंद-शरतचंद्र प्रतियोगिता में 180 युवा सम्मानित

भागलपुर में प्रेमचंद-शरतचंद्र मेमोरियल समिति की ओर से रविवार को सालाना पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस शानदार कार्यक्रम में 180 छात्र-छात्राओं की साहित्यिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। साल 1997 से हर साल आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों के 880 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता में भाषण, निबंध लेखन, कविता पाठ, गायन, चित्रकला और क्विज़ जैसी कई श्रेणियां शामिल थीं। इसमें कक्षा एक से लेकर स्नातकोत्तर यानी पीजी स्तर तक के छात्रों ने भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद और शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की कृतियों से परिचित कराना है।
नाटक और अतिथियों की उपस्थिति
इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण हरिशंकर परसाई के व्यंग्य पर आधारित नाटक 'मैं नरक से बोल रहा हूँ' का मंचन रहा। इस नाटक की प्रस्तुति रंग ग्राम जन सांस्कृतिक मंच द्वारा की गई। इसका निर्देशन कपिलदेव रंग ने किया जबकि मुख्य भूमिका सुनील रंग ने निभाई।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. फारूक अली शामिल हुए। इसके अलावा टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दीपो महतो, डॉ. वसीम रजा, राजीव कांत मिश्रा, डॉ. नवीन निकुंज, डॉ. योगेंद्र, प्रकाश चौधरी और डॉ. पुलित आनंद विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आयोजकों ने डिजिटल युग में साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजक समिति
इस आयोजन समिति में अध्यक्ष तपस घोष, सचिव रवि कुमार सिंह, संरक्षक तरुण घोष, उपाध्यक्ष श्री प्रकाश चौधरी, शांतनु गांगुली, दीपक कुमार, सुनील कुमार रंग, प्रणव और कपिलदेव रंग शामिल हैं। समिति ने इस क्षेत्र में नई रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस साहित्यिक अभियान को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।