श-कीजिए कृष्ण जन्मोत्सव! भागलपुर में सजी भव्य तैयारियां

भागलपुर में इस शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग के शुभ संयोग के साथ श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी है। शहर के लोग, स्थानीय मंदिर और ठाकुरबारी इन उत्सवों की तैयारी में जुटे हैं।
मुख्य बातें:
- रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग के शुभ संयोग में मचेगी धूम।
- रात के बारह बजे भगवान कृष्ण के जन्म के बाद तोड़ा जाएगा दिनभर का उपवास।
- पुराण डीओरी बरारी के राधा-कृष्ण मंदिर में हुई पारंपरिक कौड़ी वितरण रस्म।
- संकट मोचन दरबार से दोपहर एक बजे निकलेगी श्री साईनाथ बाबा की पालकी यात्रा।
शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय गणना
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार Mishra के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि गुरुवार रात एक बजकर तैंतीस मिनट तक है। चूंकि उदया-कालीन अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का मिलन शुक्रवार चार सितंबर को हो रहा है, इसलिए गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय दोनों एक ही दिन जन्माष्टमी मनाएंगे। भगवान कृष्ण के जन्म का मुख्य समय रात ग्यारह बजकर संतावन मिनट से बारह बजकर तैंतीस मिनट के बीच निकाला गया है।
प्रमुख मंदिर और विशेष आयोजन
जश्न मनाने वाले प्रमुख स्थानों में मारवाड़ी टोला लेन और अलीगंज की राधा-कृष्ण ठाकुरबारी, जोगसर का रंगनाथ मंदिर, गुरहट्टा चौक का राधा-कृष्ण मंदिर, सुजागंज बाजार का रुक्मिणी-श्री कृष्ण मंदिर, बाटा गली का राधा-कृष्ण मंदिर, संकट मोचन दरबार, बाबा बूढ़ानाथ मंदिर, कुपेश्वरनाथ मंदिर, वैरायटी चौक स्थित दुग्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर का राधा-कृष्ण मंदिर और पुरानी डीओरी बरारी का राधा-कृष्ण मंदिर शामिल हैं। मंदिर प्रशासक गोपाल दत्त ठाकुर ने बताया कि बरारी में श्री कृष्ण, माता राधिका, भगवान बलभद्र और गरुड़ की मूर्तियां स्थापित की गई हैं, और अधिवास से तीन दिवसीय उत्सव शुरू हो रहा है।
गौशाला में होगा विशेष महोत्सव
इसके अलावा भागलपुर की श्री श्री गोशाला में शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव सह गौ-सेवा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महामंत्री गिरधारी केजरीवाल ने बच्चों की राधा-कृष्ण वेशभूषा प्रतियोगिता, भजन-कीर्तन, कृष्ण लीला और दही-हांडी प्रतियोगिता समेत कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की घोषणा की। सुनील बुढ़िया ने जोड़ा कि इस्कॉन संतों के मार्गदर्शन में पहली बार बाल गोपाल का विशेष शृंगार और अभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा। रोहित बाजोरिया ने पुष्टि की कि दही-हांडी प्रतियोगिता को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा।