शारदीय नवरात्रि की भव्य तैयारी शुरू, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

भागलपुर में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार को घटस्थापना के साथ होने जा रही है। इस बार दुर्गा पूजा का यह पावन पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाएगा और शहर के लोग इसकी तैयारियों में जुट गए हैं।
मुख्य बातें:
- शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगी।
- दुर्गा पूजा का समापन 19 अक्टूबर, सोमवार को होगा और विजयदशमी 21 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी।
- तिथि घटने-बढ़نے के कारण पूजा की अवधि एक दिन बढ़ गई है और महा अष्टमी 18 अक्टूबर को है।
- माता रानी का आगमन और गमन दोनों हाथी पर होगा, जो सुख और अच्छी बारिश का प्रतीक है।
शुभ मुहूर्त और घटस्थापना
तिलकामांझी चौक के प्राचीन हनुमान और मंदिर के पंडित आनंद झा के अनुसार, यह त्योहार 19 अक्टूबर, सोमवार को समाप्त होगा। महावीर पंचांग के अनुसार, घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6:19 बजे से सुबह 10:12 बजे तक है, जो तीन घंटे 52 मिनट तक रहेगा। जो भक्त इस अवधि में पूजा नहीं कर पाएंगे, वे जगन्नाथ मंदिर के सेवक सौरभ मिश्रा के बताए अनुसार अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक अनुष्ठान कर सकते हैं।
शहर में पंडाल और मूर्तियां
भागलपुर में तैयारियां जोरों पर हैं, जहां पूजा समितियां कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं और कारीगर दुर्गा मूर्तियों का निर्माण शुरू कर चुके हैं। मारवाड़ी पाठशाला, मुंदीचक गढ़िया, मणिक सरकार कालीबाड़ी, बड़ी खंजरपुर और कचहरी चौक जैसे स्थानों पर भव्य पंडाल बनाए जाएंगे। मणिक सरकार घाट रोड कालीबाड़ी दुर्गा मंदिर में लगभग 100 वर्षों से बंगाली परंपराओं का पालन किया जाता है, और इस बार पंडाल कोलकाता के इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा। महासचिव बिलास कुमार बागची ने बताया कि कोलकाता के 10 से 15 कारीगर पंडाल का निर्माण करेंगे, जिस पर लगभग 6 लाख रुपये का खर्च आएगा और इसकी शुरुआत खूंटी पूजा के साथ होगी।
डांडिया नाइट्स का क्रेज
भागलपुर में सांस्कृतिक रुझान भी बदल रहे हैं, जहाँ गुजराती संस्कृति का प्रभाव प्रमुख होता जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में 'डांडिया नाइट्स' बहुत लोकप्रिय हो गए हैं। जबकि सामाजिक संगठन आम तौर पर ये कार्यक्रम निःशुल्क आयोजित करते हैं, प्रशांत बनर्जी जैसे इवेंट ऑर्गेनाइजर्स इसके लिए प्रवेश शुल्क लेते हैं। बनर्जी ने बताया कि इन कार्यक्रमों की बहुत अधिक मांग है, और कार्यक्रम की घोषणा होते ही प्रतिभागी अग्रिम बुकिंग कर लेते हैं।