मनाली चौक स्थित हजरत घूरन शाह रहमतुल्लाह अलैह का 335वां सालाना उर्स-ए-पाक इस गुरुवार और शुक्रवार को मनाया जाएगा। साथ ही, खानकाह-ए-शहबाजिया में हजरत गौस-ए-पाक रहमतुल्लाह अलैह की याद में गुरुवार को एक दिवसीय जश्न-ए-गौस-ए-आज़म कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दोनों धार्मिक आयोजनों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इंतजामिया कमेटी के अनुसार, गुरुवार को उर्स के पहले दिन दरगाह परिसर में सुबह 11:00 बजे से कुरान ख्वानी और मिलाद-उन-नबी का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को दूसरे दिन शाम 4:30 बजे चादरपोशी की रस्म तय है, जिसके बाद रात 7:30 बजे कव्वाली का कार्यक्रम होगा। दरगाह को सजाने के लिए तीन क्विंटल गेंदे के फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे सभी समुदायों के लोगों के लिए भाईचारे और सद्भाव का केंद्र माना जाता है।
खानकाह में यह आयोजन सज्जादा नसीन सैयद शाह इंतेखाब आलम शाहबाजी हुजूर मियां की अगुवाई में होगा। सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक मौलानाचक गद्दी पर भक्तों को शजरा सुनाया जाएगा। शाम 4:00 बजे, शाहजहानी मस्जिद में अकीदतमंदों को तबर्रुकात की जियारत कराई जाएगी। इन पवित्र अवशेषों में पैगंबर मुहम्मद और हुजूर गौस-ए-आज़म का मुए-मुबारक, गिलाफ-ए-काबाह, और मखदूम शाहबाज मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह की पगड़ी शरीफ और असा (छड़ी) शामिल हैं। इस मौके पर खानकाह को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। रात 10:00 बजे मखदूम शाहबाज मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ पर चादरपोशी की रस्म होगी। इसके बाद, रात 10:30 बजे शाहजहानी मस्जिद में मुख्य जश्न-ए-गौस-ए-आज़म कार्यक्रम शुरू होगा।