भागलपुर में दुर्गा पूजा के दौरान स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करने की खास अपील की गई है। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: - लोहिया पट्टी गुरु छितानु सिंह अखाड़ा दुर्गा पूजा समिति ने 18 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक अपील जारी की। - ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मॉल के बजाय स्थानीय व्यवसायी को प्राथमिकता देने को कहा गया। - छोटे स्तर के दुकानदारों को त्योहारी सीजन में उम्मीद के मुताबिक ग्राहक नहीं मिल रहे हैं।
भागलपुर की लोहिया पट्टी गुरु छितानु सिंह अखाड़ा दुर्गा पूजा समिति ने 18 अक्टूबर 2026 को एक सार्वजनिक अपील जारी की। इसमें श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया कि वे दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और शॉपिंग मॉल के मुकाबले स्थानीय व्यवसायी को प्राथमिकता दें। समिति के मेडहपति (प्रमुख) रमन झा ने बताया कि डिजिटल और मॉल आधारित खरीदारी का बढ़ता रुझान स्थानीय व्यापारियों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। खासकर छोटे पैमाने के दुकानदारों को त्योहारी सीजन में अपेक्षित ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। रमन झा ने जोर देकर कहा कि दुर्गा पूजा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सफलता के लिए स्थानीय विक्रेता जरूरी हैं। वर्तमान में उपभोक्ताओं की बदलती आदतों के कारण उनके अस्तित्व पर संकट आ गया है।
यह अपील भागलपुर में शहर भर में चल रही महत्वपूर्ण तैयारियों और सुरक्षा उपायों के बीच आई है। 14 अक्टूबर 2026 को भागलपुर नगर निगम ने एक समीक्षा बैठक की थी। इसमें स्वच्छता प्रोटोकॉल, सड़क मरम्मत और सजावटी गेट मानकों के कड़े पालन का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा जिला प्रशासन ने विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे संगीत के इस्तेमाल पर पहले ही रोक लगा दी है। साथ ही सभी पूजा समितियों के लिए आधिकारिक लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। 18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में हुई एक दुखद भगदड़ के मद्देनजर, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी, भागलपुर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भीड़ के घनत्व को प्रबंधित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। परिणामस्वरूप भागलपुर दमकल विभाग ने पंडालों के अंदर हवन अनुष्ठान करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह अनिवार्य किया गया है कि ऐसे अग्नि-आधारित अनुष्ठानों को तयशुदा और सुरक्षित खुले स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। ये उपाय दुर्गा पूजा महासमिति द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को किए गए मंदिर तैयारियों के पहले के आकलन के बाद आए हैं। यह आकलन पूरे शहर में जन सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने पर केंद्रित था।