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भागलपुर के रेलवे नेटवर्क में बड़ा बदलाव, जिले में बनेंगे 5 नए जंक्शन, 6500 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू

Hariom Mishra5 February 20262 min read0 views
भागलपुर के रेलवे नेटवर्क में बड़ा बदलाव, जिले में बनेंगे 5 नए जंक्शन, 6500 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू

भागलपुर जंक्शन पर ट्रेनों और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिले में पांच नए जंक्शन बनाए जाएंगे ताकि मुख्य स्टेशन पर लोड कम हो सके। इसके साथ ही मालगाड़ियों के लिए नए बाईपास लाइन का निर्माण भी होगा, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक जाम जैसी समस्या से राहत मिलेगी और ट्रेनों का संचालन तेज होगा।

कौन से 5 स्टेशन बनेंगे जंक्शन और क्या होगा बदलाव?

मालदा डिवीजन ने जिन स्टेशनों को जंक्शन में बदलने का प्लान बनाया है, उनमें सबौर, पीरपैंती, अकबरनगर, शिवनारायणपुर और गोनूधाम शामिल हैं। गोनूधाम को ‘न्यू भागलपुर’ टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि नई ट्रेनें वहां से चल सकें।

  • सबौर: यह स्टेशन अब नाथनगर और अकबरनगर से जुड़ेगा।
  • पीरपैंती: इसे गोड्डा-महागामा लाइन से जोड़ा जाएगा।
  • गोनूधाम: यह एक नए टर्मिनल स्टेशन की तरह काम करेगा।

इन बदलावों से सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों को अब 200 किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

6500 करोड़ का बजट और नए टेंडर की जानकारी

भागलपुर क्षेत्र में रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए लगभग 6500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। हाल ही में 4 फरवरी 2026 को गोड्डा से महागामा तक की नई लाइन के लिए टेंडर खुल गया है, जिसकी वैल्यू 531 करोड़ रुपये है। इसके अलावा बरहरवा से भागलपुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने पर करीब 4879 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गोनूधाम में नए टर्मिनल और कोचिंग फैसिलिटी के लिए 310 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है।

यात्रियों को कब तक मिलेगा फायदा और मौजूदा अपडेट

गोड्डा-पीरपैंती रेल प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य 2027 रखा गया है। वहीं, गोड्डा में नई कोचिंग डिपो और वॉशिंग पिट का काम जुलाई 2026 तक पूरा हो जाएगा। होली के दौरान भीड़ को देखते हुए मालदा डिवीजन ने 12 से 19 फरवरी के बीच 24 स्पेशल ट्रेनें चलाने का भी निर्णय लिया है। नए बाईपास बनने से कोयला और पत्थर ले जाने वाली मालगाड़ियां अब भागलपुर शहर में प्रवेश किए बिना सीधे साहिबगंज या बड़हरवा की ओर निकल जाएंगी, जिससे इंजन बदलने में लगने वाला समय बचेगा।

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