भागलपुर में चेतावनी! मूल स्कूल नहीं लौटे तो 80 शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई

भागलपुर में लगभग 75 से 80 शिक्षक अपनी प्रतिनियुक्ति रद्द होने के बावजूद अपने मूल स्कूलों में वापस जाने से इनकार कर रहे हैं और अब उन पर संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। भागलपुर मंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक यानी आरडीडीई ने एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए इन शिक्षकों को आदेश दिया है कि वे 5 सितंबर 2026 तक अपने मूल संस्थानों में रिपोर्ट करें वरना सख्त परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
यह निर्देश भागलपुर और बांका जिलों में स्टाफ की तैनाती की व्यापक समीक्षा के बाद आया है। आरडीडीई कार्यालय ने पाया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रतिनियुक्ति का उपयोग किया जा रहा था, जिससे शिक्षकों के मूल रूप से आवंटित स्कूलों में स्टाफ की कमी हो गई और पढ़ाई की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा था। आधिकारिक आदेश के तहत सभी प्रतिनियुक्तियों को रद्द कर दिया गया है, सिवाय उन स्कूलों के जो पूरी तरह से शिक्षकविहीन हैं या जहां वर्तमान में केवल एक ही शिक्षक तैनात है।
यह विवाद 26 अगस्त 2026 की उन रिपोर्ट्स के बाद चर्चा में आया था जिनमें शुरुआती रद्दीकरण आदेशों की रूपरेखा दी गई थी। इसके बाद 2 सितंबर 2026 की रिपोर्ट्स में समय सीमा नजदीक आने पर आरडीडीई की चेतावनी का विस्तार से जिक्र किया गया। इस प्रशासनिक गतिरोध के बीच शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने वित्तीय अनिमितताओं और पक्षपात के आरोप लगाए हैं और कहा है कि ऐसे तत्वों ने प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावित किया है। आरडीडीई का कहना है कि प्रतिनियुक्ति कोई रूटीन असाइनमेंट मैकेनिज्म नहीं है और उन्होंने दोहराया है कि 5 सितंबर की समय सीमा का पालन न करने वालों के खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।