विक्रमशिला सेतु बंद होने से पहले पक्का विकल्प मांग रहे प्रतिनिधि

भागलपुर के स्थानीय प्रतिनिधियों ने विक्रमशिला सेतु को बंद करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है और पुल के बंद होने से पहले एक पक्का वैकल्पिक परिवहन प्लान देने की मांग की है। यह पुल 28 अगस्त 2026 की रात से जरूरी मरम्मत के काम के लिए बंद होने वाला है और यह काम 30 नवंबर 2026 तक जारी रहने की उम्मीद है। सड़क निर्माण विभाग (RCD) ने जिला प्रशासन के उस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की है जिसमें इस बंदी को 15 दिन आगे बढ़ाने को कहा गया था और यह पुष्टि कर दी है कि पुराना शेड्यूल ही लागू रहेगा।
- 28 अगस्त 2026 की रात से विक्रमशिला सेतु मरम्मत के लिए बंद होगा।
- जिला प्रशासन 29 अगस्त से जल परिवहन सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है।
- बाढ़ और तेज बहाव के कारण पंटून पुल बनाना असंभव हो गया है।
- 23 अगस्त 2026 को मंत्रियों और उप मुख्यमंत्री की एक अहम बैठक होगी।
जल परिवहन सेवा की योजना
आम लोगों और व्यापार पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए, भागलपुर जिला प्रशासन ने 29 अगस्त 2026 से जल परिवहन सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। गंगा में पानी का स्तर ज्यादा होने और तेज धारा के कारण, अधिकारी सुरक्षा के लिए सामान्य नावों के मुकाबले बड़ी क्षमता वाले जहाजों को प्राथमिकता दे रहे हैं। योजनाओं में यात्रियों और मोटरसाइकिलों को पार कराना शामिल है, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए सबौर के बाबूपुर घाट से चलने वाले मालवाहक जहाजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सेवाओं के किराए को लेकर अंतिम फैसला मुख्यालय से आगे के आदेश मिलने के बाद ही तय होगा। तकनीकी बाधाओं यानी बाढ़ की स्थिति की वजह से पंटून पुल का निर्माण करना असंभव हो गया है।
राजनीतिक बयानबाजी और प्रतिक्रियाएं
इस बंदी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल यादव ने इस पुल को उत्तर बिहार की जीवन रेखा बताया है और चेतावनी दी है कि इसके बंद होने से रोजमर्रा की जिंदगी और आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी। वहीं, बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने इस पुल के खराब होने की वजह प्राकृतिक आपदा को बताया है। इसके उलट, जेडीयू सांसद अजय कुमार मंडल ने इस संकट के लिए विभाग की लापरवाही और सही से रखरखाव न होने को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि उन्होंने आठ महीने पहले ही सड़क निर्माण विभाग को पुल की खस्ता हालत के बारे में चेतावनी दी थी।
आगामी बैठक और तकनीकी सहायता
भविष्य की तैयारियों के तहत, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल और सड़क निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र के बीच 23 अगस्त 2026 को ढांढी-बेलारी असरगंज में एक बैठक होने वाली है, जिसमें पुल के कामकाज के भविष्य पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, बॉर्डर रोड्स संगठन (BRO) की एक विशेष टीम 25 अगस्त को भागलपुर पहुंचने वाली है, जो इस प्रोजेक्ट में मदद करेगी। इस प्रोजेक्ट को एसपी सिंगला एजेंसी द्वारा पूरा किया जा रहा है।