भागलपुर में बाढ़ से घाट बर्बाद, छठ पूजा की तैयारी पर संकट

भागलपुर में मानसून के आखिरी दिनों में आई भीषण बाढ़ से नदी के किनारे बुरी तरह टूट गए हैं। हालांकि पानी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन जाते हुए बाढ़ ने अपने पीछे तबाही छोड़ दी है। अब से ठीक डेढ़ महीने बाद छठ पूजा का बड़ा त्योहार आने वाला है, जिसे लेकर चिंता बढ़ गई है। तेज धार के कारण कटाव होने से घाटों पर गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा, कई फीट महीन सिल्ट और खतरनाक कीचड़ जमा हो गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए बड़ा खतरा बन गया है। खासकर छठ व्रत रखने वाली महिलाओं ने इस साल भगवान सूर्य को अर्घ्य देने को लेकर चिंता जताई है।
गंगा और कोसी के किनारे हालात सबसे गंभीर
गंगा और कोसी नदियों के किनारे स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है, जहां कीचड़ इतना गहरा है कि लोग घुटनों तक उसमें धंस सकते हैं। आमतौर पर त्योहार से एक महीने पहले घाटों की मरम्मत और सुरक्षा का काम शुरू हो जाता है। हालांकि कई इलाकों में बाढ़ का पानी रुका होने के कारण इन कामों में देरी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय शहरी निकायों के सामने कम समय में इन जगहों को सुरक्षित करने की बड़ी चुनौती है। बरारी के स्थानीय निवासी कपिलदेव यादव ने बताया कि युद्ध स्तर पर सुधार कार्य होना चाहिए और बाढ़ में बहे एप्रोच रोड की मरम्मत की तत्काल जरूरत है।
सुरक्षा के लिए नागरिकों की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि गहरे कटाव वाले इलाकों को लाल कपड़े या चेतावनी बोर्ड लगाकर 'खतरनाक' घोषित किया जाए। प्रस्तावित सुरक्षा उपायों में श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए दो-तेहर बांस की बैरिकेडिंग और कीचड़ साफ करने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग शामिल है, जिसके बाद सूखी मिट्टी और रेत की बोरियां बिछाई जाएंगी। भागलपुर के एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि कई जगहों पर अभी पानी कम नहीं हुआ है और दिवाली के आसपास घाटों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।