सोशल मीडिया पर चल रही उस खबर की पोल खुल गई है जिसमें दावा किया जा रहा था कि रूस की रहने वाली जूली नाम की महिला ने भागलपुर के एक स्थानीय युवक से शादी करने के लिए यहाँ की यात्रा की थी। जाँच में यह बात पूरी तरह से झूठी साबित हुई है।
यह महिला रूस की नहीं बल्कि ब्रिटेन की है और इनका नाम एंड्रिया कोनोली है। वह शादी करने नहीं बल्कि एक सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत इस इलाके में आई थीं।
कोनोली ने भागलपुर का दौरा नहीं किया था बल्कि वह पूर्णिया के कसबा नगर परिषद के वार्ड नंबर 3 में एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था और इस दौरान महिलाओं को बकरियां भी बांटी गईं। इस कार्यक्रम में उनके शामिल होने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
इस कार्यक्रम के बाद कोनोली अपनी टीम के साथ कसबा ब्लॉक के गढ़बनैली गांव गईं। यहीं पर नमित नाम के एक कैमरामैन ने इस विदेशी दल का एक वीडियो रिकॉर्ड किया था।
नमित ने एक समाचार चैनल को बताया कि उन्होंने सिर्फ विदेशी मेहमानों का वीडियो बनाया था और उसके साथ कोई भी दावा नहीं किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ अन्य लोगों ने उस वीडियो का गलत इस्तेमाल किया और यह झूठी कहानी गढ़ दी कि रूस की रहने वाली जूली नाम की महिला एक स्थानीय युवक से शादी करने आई है। इस घटना से यह साफ पता चलता है कि सोशल मीडिया पर किस तरह से गलत जानकारी फैलाई जाती है और एक वीडियो से छेड़छाड़ करके फर्जी कहानी बनाई जाती है। अधिकारियों ने बताया कि भले ही पहले विदेशी नागरिकों के स्थानीय लोगों से शादी करने की घटनाएं सामने आई हों, लेकिन लोगों को किसी भी वायरल खबर को सच मानने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करनी चाहिए।