भागलपुर में साईं बाबा की भव्य पालकी यात्रा: 'सबका मालिक एक' के जयकारों से गूंजा शहर

भागलपुर शहर में शुक्रवार को साईं बाबा की भक्ति और आस्था का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्रद्धा और उत्साह के साथ बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
- रुद्राभिषेक और सामूहिक आरती के साथ उत्सव की शुरुआत हुई।
- पालकी को फूलों और लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया।
- शोभायात्रा कचहरी चौक, तिलकामांझी चौक और मनाली चौक जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी।
- भंडारे और भजन-कीर्तन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रुद्राभिषेक और आरती से हुई शुरुआत
उत्सव की शुरुआत में सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान के साथ साईं बाबा का भव्य रुद्राभिषेक किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से साईं बाबा की आरती उतारी, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। आरती के बाद बाबा की पालकी को आकर्षक फूलों और लाइटों से सजाया गया और नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
शहर के मुख्य मार्गों पर उमड़ा जनसैलाब
जैसे ही साईं बाबा की पालकी शोभायात्रा शहर की सड़कों पर निकली, श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। पालकी के आगे-आगे श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर झूमते और नाचते-गाते चल रहे थे।
यह भव्य शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों—कचहरी चौक, तिलका चौक, और मनाली चौक से होकर गुजरी। रास्ते भर साईं भक्तों का तांता लगा रहा और कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया। पूरी यात्रा के दौरान हर तरफ 'सबका मालिक एक' और साईं बाबा की जय के नारे गूंजते रहे। कई श्रद्धालु हाथों में साईं बाबा का पवित्र ध्वज लेकर चल रहे थे।
भंडारा और भजन-कीर्तन
पूरे शहर का भ्रमण करने के बाद पालकी शोभायात्रा वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। इसके बाद मंदिर प्रशासन की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आम लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, मंदिर परिसर में देर शाम तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जहां श्रद्धालु बाबा की आराधना में लीन नजर आए।