भागलपुर में एक करोड़ बकाया के कारण बालू खनन का काम रुका

बिहार के भागलपुर जिले में बकाया रुपये नहीं चुकाने की वजह से बालू खनन का काम रोक दिया गया है। माइनिंग डिपार्टमेंट ने दो सेटलमेंट होल्डर की ऑपरेशनल आईडी बंद कर दी है। इसके चलते करीब एक करोड़ रुपये का बकाया चुकाए जाने तक बालू निकालने के लिए चालान जारी नहीं हो पाएगा। माइनिंग डिपार्टमेंट के अनुसार गेरूआ यूनिट-1 के सेटलमेंट होल्डर पर तीस लाख रुपये बकाया हैं। वहीं चानन यूनिट-4 के होल्डर पर सत्तर लाख रुपये का बकाया है। इन दोनों यूनिट्स का सेटलमेंट फरवरी 2023 में पांच साल के लिए हुआ था। मानसून के बाद सोलह अक्टूबर से खनन का काम फिर से शुरू होना तय था लेकिन बकाया भुगतान न होने की वजह से काम रुका हुआ है। डिस्ट्रिक्ट मिनरल डेवलपमेंट ऑफिसर कुमार रवि शंकर ने पुष्टि की है कि बकाया चुकाने के बाद ही आईडी दोबारा चालू की जाएगी। भागलपुर जिले में कुल नौ बालू घाट हैं जिनमें से चार का सेटलमेंट हो चुका है। बाकी पांच घाटों के बारे में विभाग अगले पांच दिनों में रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे उनका क्षेत्र तय किया जाएगा और नई जगहों को शामिल करने पर विचार होगा। इसके बाद नीलामी पर्यावरण मंजूरी जनसुनवाई और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें लगभग छह महीने का समय लगने की उम्मीद है। दूसरी जगहों के लिए प्रशासनिक दिक्कतें भी बनी हुई हैं। एक घाट में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि उसकी पर्यावरण मंजूरी रद्द कर दी गई थी। वह घाट डॉल्फिन सेंचुरी के इलाके में है इसलिए उसके क्षेत्र की दोबारा जांच होगी और फिर से नीलामी होगी। एक अन्य घाट की जनसुनवाई का इंतजार है जो नवंबर में होने की उम्मीद है ताकि उसके आगे के कामकाज का फैसला हो सके।