दिवाली पर भागलपुर में कचरे का अंबार, स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल
स्मार्ट सिटी भागलपुर में दिवाली के दौरान कचरे के ढेर से लोग परेशान। सड़कों पर फैला गंदगी और मेडिकल वेस्ट बढ़ा रहा है खतरा।

त्योहारों के समय जहां पूरा शहर रोशनी और सफाई की तैयारी करता है, वहीं 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा पाने वाले भागलपुर में हालात इसके उलट हैं। दिवाली के मौके पर शहर के कई मुख्य इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। नियमित सफाई व्यवस्था ठप होने की वजह से न केवल गंदगी बढ़ी है, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया है।
शहर की हालत यह है कि रेलवे स्टेशन से चुनीहारी टोला मोड़ के बीच साइकिल लेन में कचरा आधा रास्ता घेर चुका है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। यही हाल कोतवाली से खलीफबाग जाने वाली मुख्य सड़क का है, जहां सड़क किनारे मलबे और कूड़े के ढेर जमा हैं। वहीं, कजवालीचक मोड़ पर कचरे के कारण सड़क इतनी संकरी हो गई है कि पैदल चलने वालों और मोटर साइकिल सवारों के लिए यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है।
मेडिकल वेस्ट ने बढ़ाई स्वास्थ्य जोखिम
सबसे चिंताजनक स्थिति कजवालीचक के गांधी शांति प्रतिष्ठान के पास देखने को मिल रही है। यहां खुले में मेडिकल वेस्ट (चिकित्सीय कचरा) फेंका गया है, जिसमें इस्तेमाल की गई सुइयां और सिरिंजें शामिल हैं। यह स्थिति बेहद खतरनाक है, खासकर उन लोगों के लिए जो नंगे पैर चलते हैं, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, टीएनबी कॉलेजिएट स्कूल के मैदान के पास और कोतवाली चौक से मंडरोजा जाने वाली सड़क के बीचों-बीच कचरा फैला हुआ है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो रहा है।
त्योहार के समय स्वच्छता मानकों की ऐसी अनदेखी ने स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासी इस बात से नाराज हैं कि जिस शहर को स्मार्ट सिटी कहा जा रहा है, वहां बुनियादी सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है।