भागलपुर में रविवार 13 सितंबर 2026 को सफाई कर्मचारियों की भारी कमी की वजह से कचरा उठान का काम बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ। स्वास्थ्य शाखा प्रभारी ने बताया कि मुख्य सड़कों से तो कचरा साफ कर दिया गया, लेकिन अंदरूनी रिहायशी इलाकों में कचरा पड़ा रहा।
- नगर निगम और प्राइवेट सफाई एजेंसियों के कर्मचारियों की भारी कमी।
- कर्मचारियों के ईपीएफ और बकाए भुगतान को लेकर नगर आयुक्त की चेतावनी।
- कहलगांव में पिछले सात दिनों से कचरा उठान पूरी तरह बंद।
- शहर को चार नए सफाई जोन में बांटने की तैयारी।
भागलपुर नगर निगम के आयुक्त ने प्राइवेट सफाई एजेंसियों को कर्मचारियों के ईपीएफ और अन्य बकाए पैसे समय पर न देने को लेकर सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों ने कहा है कि आगे ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस वित्तीय विवाद की वजह से कर्मचारियों की संख्या और उनके काम करने के उत्साह पर बुरा असर पड़ रहा है।
भागलपुर जिले के कहलगांव इलाके में हालात बहुत खराब हैं, जहां पिछले सात दिनों से कचरा उठान का काम पूरी तरह बंद है। सफाई एजेंसी को हर साल लगभग छह करोड़ बयानवे लाख रुपये दिए जाने के बाद भी यह लापरवाही बनी हुई है। इसके अलावा कूड़ा फेंकने के लिए कोई तय जगह न होने की वजह से प्रशासन ने कर्मचारियों को बाढ़ का पानी कम होने तक किसी भी खाली और सूखी जगह पर कचरा फेंकने का निर्देश दिया है।
व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर निगम ने शहर को तीन जोन के बजाय चार सफाई जोन में बांटने की योजना पक्की कर ली है। इस नई योजना का मकसद काम में पारदर्शिता और तेजी लाना है, जिसके तहत हर जोन में एक इंचार्ज नियुक्त किया जाएगा जो कर्मचारियों, गाड़ियों और संसाधनों की देखरेख करेगा।