भागलपुर में कचरा संकट गहराया, जानिए क्यों लग रहे हैं गंदगी के ढेर

भागलपुर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है क्योंकि शहर को नई कचरा प्रबंधन एजेंसी मिलने का इंतजार है। वर्तमान में सीबीएस और शाइन स्टैंडर्ड के पास शहर की सफाई का ठेका है, लेकिन नए सेवा प्रदाता के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी रहने के कारण काम बहुत धीमा हो गया है। लगभग 83,000 नागरिकों से होल्डिंग टैक्स वसूलने और 1,155 कर्मचारियों को तैनात करने के बावजूद, शहर में चारों तरफ कचरा जमा हो रहा है जिससे बदबू फैल रही है और लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं।
वार्ड 32 और विक्रमशिला कॉलोनी का हाल
वार्ड 32 में, विशेष रूप से विक्रमशिला कॉलोनी में, प्रशांत कुमार सिंह और छात्र आदित्य कुमार सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले एक महीने से गर्ल्स हाई स्कूल और हनुमान मंदिर के पास कचरा फेंका जा रहा है। उनका आरोप है कि नगर निगम अन्य मोहल्लों का कचरा इसी जगह पर इकट्ठा कर रहा है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
मुंडीचक और बड़ी पोस्ट ऑफिस रोड की स्थिति
इस बीच, वार्ड 37 में मुंडीचक-बड़ी पोस्ट ऑफिस रोड के पास कचरा और नाले की सिल्ट ने आधी सड़क को घेर लिया है, जिससे जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय और एक प्राइवेट स्कूल के पास का इलाका प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों का पक्ष
नगर निगम के स्वच्छता प्रभारी आदित्य जायसवाल ने कहा कि स्थानीय डंपिंग पॉइंट वाहनों में कचरा शिफ्ट करने के लिए बनाए गए हैं, न कि स्थायी भंडारण के लिए, और उन्होंने तिलकामांझी तथा बड़ी पोस्ट ऑफिस रोड से तुरंत कचरा साफ करने का वादा किया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिकारी शशि भूषण सिंह ने पुष्टि की कि नई एजेंसी के चयन के लिए तकनीकी मूल्यांकन 3 अक्टूबर को निर्धारित है, जिसके बाद योग्य एजेंसियों की वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी।