भागलपुर शहर में शारदीय नवरात्र के पावन पर्व के दौरान पूजा पंडालों और मेलों के पास कचरे के ढेर लग गए हैं। इस वजह से शहर में साफ-सफाई को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। नगर निगम द्वारा रात में सफाई का काम करने के बावजूद सुबह होते ही फिर से कचरा जमा हो जाता है, जिससे माता के भक्तों को बदबूदार कचरे के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोग और पूजा समितियों के लोग यह मांग कर रहे हैं कि दुर्गा पूजा से लेकर छठ पूजा तक लगातार चौबीस घंटे सफाई का काम किया जाना चाहिए।
मारवाड़ी पाठशाला, पाटल बाबू रोड: यह इलाका सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला है। नवरात्र के पहले दिन ही यहाँ पंडाल की तरफ जाने वाले रास्ते पर कचरे का बड़ा ढेर देखा गया।
ऐतिहासिक दुर्गा बाड़ी, मशकचक: यहाँ पंडाल और पक्का मंदिर दोनों हैं। सड़क पर दिन-रात कचरा पड़ा रहता है, जिससे भक्तों को बहुत परेशानी हो रही है।
काली बाड़ी मंदिर, मानिक सरकार: यह मंदिर भी गंदगी से जूझ रहा है, क्योंकि रविवार को सड़क पर कचरा फैल गया था जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया।
प्रधान डाकघर क्षेत्र, महात्मा गांधी पथ: यहाँ तीन वार्डों का कचरा फेंका जाता है और साथ ही सीवर सिस्टम खराब होने के कारण बहुत तेज बदबू आती है।
इसके अलावा तिलकामांझी चौक के पास पार्क निर्माण स्थल, सब्जी बाजार और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जैसे मुख्य चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में भी गंदगी की समस्या बनी हुई है। इन हालात की वजह से नगर निगम की साफ-सफाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। भागलपुर नगर निगम के लोक स्वच्छता अधिकारी शशि भूषण सिंह ने बताया है कि नगर आयुक्त ने साफ-सफाई की एजेंसियों, जोनल सुपरवाइजरों और वार्ड प्रभारियों को खास निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन जगहों पर साफ-सफाई में लापरवाही बरतने वाली किसी भी एजेंसी या अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।