भागलपुर में रविवार को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रोत्सव की शुरुआत हो गई। जिलाभर के घरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित किया और पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। सोमवार को नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालु मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करेंगे। रविवार सुबह से ही शहर के मंदिरों और पंडालों में भक्ति संगीत और चंडी पाठ गूंजने लगे।
एसएम कॉलेज सीढ़ी घाट, बरारी पुल घाट, बरारी सीढ़ी घाट और हनुमान घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर पवित्र गंगा जल लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इस वजह से बरारी रोड से तिलकामांझी चौक तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने
ऐतिहासिक बूढ़ानाथ मंदिर, आदमपुर शिवशक्ति मंदिर, कुपेश्वरनाथ, गोपेश्वरनाथ, दुग्धेश्वरनाथ और शैलेश्वरनाथ मंदिर सहित शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में जाकर जलाभिषेक किया। बूढ़ानाथ मंदिर में महंत शिवनारायण गिरि के मार्गदर्शन में मां चंडी का भव्य श्रृंगार और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। इस दौरान वाल्मीकि सिंह, दीपक सिंह, पूर्व पार्षद दिनेश सिंह और बूढ़ानाथ सेवक संघ के सदस्य मौजूद रहे।
महाशय ड्योढ़ी, दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी, काजीपाड़ा, सरकारबाड़ी और रायबाड़ी जैसे बंगाली बहुल इलाकों में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हुआ। इसके अलावा बरारी, खानपुर, परबत्ती, उर्दू बाजार, मंद्रोजा, लहेरी टोला और अलीगंज स्पिनिंग मिल दुर्गा स्थान में भी कलश स्थापना की गई। मारवाड़ी पाठशाला में जुबाक संघ के सचिव बाबन साहा के नेतृत्व में कलश स्थापना हुई और इस साल मेला लगने की योजना है। मुंडीचक वैष्णो दरबार में अध्यक्ष छोटू सिंह की देखरेख में स्थायी मूर्ति के सामने वैदिक अनुष्ठान हुए।
मोहद्दीपुर में वाराणसी के पंडित प्रवीण पांडेय ने कलश पूजन कराया और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार साह के नेतृत्व में मीरजानहाट दुर्गा स्थान में पूजा हुई जहां शाम को भव्य महा आरती का आयोजन किया गया। आदमपुर दुर्गा स्थान में डॉ. आनंद मिश्रा और सचिव राकेश दुबे के नेतृत्व में पंडित सुनील झा ने कलश स्थापना की। कचहरी चौक पर सत्कार क्लब की ओर से सुबह 11:30 बजे पंडित विपिन मिश्रा के मार्गदर्शन में घट स्थापना की गई। इसके अलावा मुंडीचक गढ़ैया में सचिव कुमार धर्मेंद्र के निर्देशन में अनुष्ठान और पूजा-अर्चना शुरू हुई।