भागलपुर जिला के सुलतानगंज स्थित अजगैविनाथ धाम के कच्ची कांवरिया पथ पर 23 अगस्त 2026 को श्रावणी मेला में पहली बार भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया। यह अद्भुत नजारा लगभग 20 से 25 मिनट तक चला, जिसे देखने के लिए धनखी बेलारी में हजारों भक्त और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के 'संकल्प' सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम का वर्चुअली उद्घाटन किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था, एकता और संकल्प का गहरा प्रतीक है।
इस भव्य प्रदर्शन में सैकड़ों ड्रोनों ने रात के आसमान को रोशन कर दिया। ड्रोनों ने भगवान शिव, बाबा अजगैबीनाथ, पूजा के दौरान शिवलिंग, शिव-पार्वती परिवार, त्रिशूल, डमरू और मंदिर की संरचनाओं जैसी जटिल आकृतियां बनाईं। ड्रोनों ने 'श्रावणी मेला' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष भी प्रदर्शित किया, साथ ही कांवरियों के चित्र भी दिखाए।
यह आयोजन बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा किया गया था, जिसकी व्यापक तैयारियां 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई थीं। जिला अधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय अधिकारियों ने 17 जुलाई 2026 तक टेंट सिटी और गंगा महा आरती की व्यवस्थाओं सहित कार्यक्रम के बुनियादी ढांचे की व्यापक समीक्षा की थी, और सभी काम 24 जुलाई तक पूरा करने का निर्देश दिया था। साल 2026 के मेले के लिए सुरक्षा उपायों में समर्पित ड्रोन निगरानी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती शामिल है, ताकि उत्सव के दौरान जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।