भागलपुर सिल्क निर्यातकों की बल्ले-बल्ले, कच्चे माल पर GST हटाकर सरकार ने दी बड़ी राहत
भागलपुर के सिल्क निर्यातकों के लिए खुशखबरी! कच्चे माल पर GST खत्म होने से उत्पादन लागत घटेगी और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी मांग।

भागलपुर के विश्व प्रसिद्ध सिल्क उद्योग के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। केंद्र और राज्य सरकार ने सिल्क निर्यातकों को बड़ी राहत देते हुए कच्चे माल पर लगने वाले गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को पूरी तरह से माफ कर दिया है। अब विदेशों में उत्पाद भेजने वाले निर्यातकों को कच्चे माल पर टैक्स नहीं देना होगा, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और स्थानीय बुनकरों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
दरअसल, अब तक भागलपुर के सिल्क उत्पादकों को 'दोहरे कराधान' (double taxation) की समस्या से जूझना पड़ रहा था। उन्हें धागे और रंगों जैसे कच्चे माल पर टैक्स देना पड़ता था और फिर तैयार उत्पाद पर भी टैक्स का बोझ रहता था। इस वजह से सिल्क की साड़ियों, कपड़ों और प्रीमियम बेडशीट्स की कीमतें बढ़ जाती थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा था। अब जीएसटी कानून की धारा 16 के प्रावधानों के तहत इस टैक्स को हटा दिया गया है, जिससे कागजी कार्रवाई और टैक्स रिफंड के चक्करों से भी मुक्ति मिलेगी।
वैश्विक बाजार में बढ़ेगी भागलपुर सिल्क की मांग
जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त अजीत रंजन ने बताया कि इन विशेष प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य भागलपुर और अन्य शहरों के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निर्यातकों को कच्चे माल की टैक्स-फ्री स्थिति के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय उत्पादों का मजबूती से मुकाबला कर सकें।
इस फैसले से न केवल उत्पादन लागत कम होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑर्डर बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है। इससे भागलपुर के पारंपरिक सिल्क उद्योग को नई जान मिलेगी और स्थानीय बुनकरों की आय में वृद्धि होगी।