सreden घोटाला: आरोपी क्लर्क अमरेंद्र कुमार यादव बर्खास्त

MyBhagalpur Team12 September 20262 min read20 viewsSad/Bad
सreden घोटाला: आरोपी क्लर्क अमरेंद्र कुमार यादव बर्खास्त

भागलपुर जिला प्रशासन ने सृजन घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जिला नजारत शाखा के क्लर्क और नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव को सरकारी सेवा से हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया गया है। वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है, जिससे वह भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के योग्य नहीं रहे हैं। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई बिहार सेवा कोड के नियम 14 और 1709 तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2) के तहत की गई है। जिला अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है और कहा है कि वित्तीय अनुशासन बहुत जरूरी है।

भागलपुर की संस्था 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड' के जरिए सरकारी फंड का अवैध रूप से डायवर्जन किया गया था। इस सृजन घोटाले में करीब एक हजार करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का गबन हुआ था। अमरेंद्र कुमार यादव, जिन्होंने मूल रूप से इस मामले की पहली एफआईआर में शिकायतकर्ता के रूप में काम किया था, को बाद में सह-साजिशकर्ता पाया गया। उन्हें सीबीआई ने जनवरी 2018 में गिरफ्तार किया था।

पटना की विशेष सीबीआई अदालत का फैसला


नवंबर 2025 में पटना की एक विशेष सीबीआई अदालत ने तत्कालीन मुख्य नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव समेत तीन लोगों को दोषी ठहराया। यादव को चार साल की कैद और 14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस न्यायिक कार्यवाही में सजा पाने वाले अन्य लोगों में बैंक के पूर्व सहायक प्रबंधक राकेश कुमार शामिल थे, जिन्हें तीन साल की सजा और 4.75 लाख रुपये का जुर्माना मिला। इसके अलावा क्लर्क अजय कुमार पांडे को भी तीन साल की सजा और 6.25 लाख रुपये का जुर्माना दिया गया।

घोटाले की गहराई और जांच


इस बहुस्तरीय धोखाधड़ी में जिला प्रशासन, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी तथा सृजन एनजीओ के लोग शामिल थे। कई बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। बर्खास्त महिला अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) समेत कई बड़े अधिकारी भी इस घोटाले से जुड़े रहे हैं। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है।

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