भागलपुर में जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में मासिक क्राइम मीटिंग-सह-पुलिस सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के अनुसंधान और पुलिसिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
एसएसपी ने बैठक में मौजूद सभी थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को
संवेदनशील और अपराध प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान एसएसपी ने लंबित वारंट और कुर्की के मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी प्राथमिकता के आधार पर की जाए और सभी थानों में दर्ज कांडों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित हो।
जिले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए
रात्रि गश्ती और वाहन जांच अभियान को और अधिक प्रभावी व सघन बनाने का निर्देश दिया गया। एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ जिले में एक विशेष अभियान चलाने की बात कही। इसके अलावा, तेजी से बढ़ते साइबर अपराध पर रोकथाम के लिए आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने साइबर पुलिस और थानों को निर्देश दिया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों का निष्पादन बिना किसी देरी के शीघ्र किया जाए।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली और आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्राइम मीटिंग के बाद पुलिस सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, संसाधनों की उपलब्धता, उनके स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिया, ताकि पुलिस बल का मनोबल और कार्यकुशलता को और बढ़ाया जा सके।