भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने नाथनगर पुलिस की लापरवाही और मनमाने रवैये पर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी ने सिटी-2 डीएसपी राकेश कुमार को मामले की पूरी जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह जांच तब शुरू हुई जब पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के दो शराबी ट्रेनी पकड़े गए, लेकिन पुलिस ने उनका मेडिकल ब्लड टेस्ट नहीं कराया। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने नाथनगर पुलिस की लापरवाही और मनमाने रवैये पर जांच के आदेश दिए हैं।
- नाथनगर थाना क्षेत्र का मामला
- शराबी ट्रेनी पुलिसकर्मियों का ब्लड टेस्ट नहीं हुआ
- मंदिर में चोरी की शिकायत बदलने का आरोप
- सिटी-2 डीएसपी कर रहे हैं पूरे मामले की जांच
यह जांच उस घटना के बाद शुरू हुई है जिसमें पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) के दो ट्रेनी, जिनकी पहचान मनोज कुमार और ब्रजभूषण के रूप में हुई, शराब के नशे में पकड़े गए थे। नाथनगर थाने में मामला तो दर्ज किया गया, लेकिन अधिकारियों ने आरोपियों को अदालत में पेश करने से पहले अनिवार्य ब्लड टेस्ट नहीं कराया। बक्सर जिला बल के ये ट्रेनी सेंट्रल ट्रेनिंग स्कूल (सीटीएस) में ट्रेनिंग ले रहे थे और जुर्माना भरने के बाद छूट गए। सीटीएस प्रिंसिपल मनोज राम ने बताया कि दोनों ट्रेनी को ट्रेनिंग के बीच में ही उनके गृह जिला बल वापस भेजा जाएगा और एफआईआर की कॉपी के साथ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए औपचारिक अनुरोध शुरू किया जाएगा। दोनों के खिलाफ शुरुआती मामला सीटीएस में तैनात इंस्पेक्टर फिरोज आलम के बयान पर दर्ज किया गया था।
अलग से, मनोकामना नाथ मंदिर परिसर के भीतर शनि मंदिर में हुई चोरी को लेकर दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं। 16 जुलाई की रात हुई चोरी के बाद 17 जुलाई की सुबह लखन खटीक नाम का एक शिकायतकर्ता थाने पहुंचा था। खटीक ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी की ओर से काम कर रहे बबलू नाम के एक व्यक्ति ने उस पर अपनी लिखित शिकायत बदलने का दबाव डाला, यह दावा करते हुए कि मंदिर में चोरी की बार-बार रिपोर्ट आने से पुलिस विभाग की छवि खराब होगी। खटीक ने बताया कि हाल ही में सर्जरी होने के कारण वह शिकायत दोबारा नहीं लिख सका, इसलिए बबलू ने कथित तौर पर एक स्थानीय पार्षद को नई शिकायत लिखने का निर्देश दिया और खटीक के हस्ताक्षर ले लिए। खटीक को न तो नई शिकायत की सामग्री के बारे में बताया गया और न ही उसकी कोई कॉपी दी गई, और उसने बताया कि कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पुष्टि की है कि नशे में धुत ट्रेनी का ब्लड टेस्ट न कराने और मंदिर में चोरी की शिकायत में फेरबदल करने समेत इन सभी बिंदुओं की जांच सिटी-2 डीएसपी कर रहे हैं। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।