दिवाली-छठ स्पेशल ट्रेनों की देरी से भागलपुर स्टेशन पर हाहाकार, यात्री बेहाल
दिवाली और छठ पूजा के कारण भागलपुर स्टेशन पर ट्रेनों की देरी से यात्री परेशान, प्लेटफॉर्म पर मची भारी भीड़।

दिवाली और छठ पूजा के मौके पर घर जाने वालों के लिए सफर मुसीबत बन गया है। भागलपुर स्टेशन ट्रेन देरी की वजह से यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों के मद्देनजर चलाई गई स्पेशल ट्रेनों के समय सारणी बिगड़ने से स्टेशन प्लेटफॉर्म पर पैर रखने की जगह नहीं बची है। आनंद विहार जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों में भारी तनाव और नाराजगी है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मालगाड़ियों के दबाव और मुख्य लाइनों पर बिना किसी ठोस योजना के चलाई गई अत्यधिक स्पेशल ट्रेनों की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। जब ट्रेनें घंटों लेट आती हैं, तो प्लेटफॉर्म पर भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि तकनीकी दिक्कतें आने लगती हैं। यात्री इस डर में रहते हैं कि कहीं उनकी ट्रेन छूट न जाए या कोच में जगह न मिले।
सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं की खुली पोल
ट्रेनों की इस देरी का असर सिर्फ यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी पर भी पड़ रहा है। पटना से आए यात्री मनीष कुमार और अमित कुमार ने बताया कि उनकी ट्रेन का आरपीएफ एस्कॉर्ट दस्ता मोकामा स्टेशन पर ही उतर गया, जबकि उन्हें पूरे रूट की सुरक्षा करनी थी। दरअसल, ट्रेनों की अत्यधिक देरी के कारण सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी के घंटे तय सीमा से ज्यादा हो रहे हैं, जिससे इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है।
स्टेशन की सुविधाएं भी इस भीड़ के आगे बौनी साबित हो रही हैं। प्लेटफॉर्म पर बैठने की जगह न होने के कारण लोग फुट-ओवर ब्रिज पर बैठने को मजबूर हैं। जैसे ही किसी ट्रेन के आने की घोषणा होती है, यात्रियों की भारी भीड़ सीढ़ियों और पुल की ओर दौड़ पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। खासकर जनरल कोच में चढ़ने की होड़ मची रहती है, जिसे संभालना आरपीएफ और जीआरपी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्टेशन अधीक्षक विनय प्रकाश ने स्वीकार किया कि त्योहारी सीजन की वजह से यात्रियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग स्तरों पर निगरानी कर रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।