भागलपुर में आवारा कुत्तों पर बड़ा एक्शन, निगम ने पकड़े 480 कुत्ते

भागलपुर नगर निगम शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को दूर करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। रविवार, 20 सितंबर 2026 को एजेंसी की टीम ने कई इलाकों से 22 आवारा कुत्तों को पकड़ा। इन सभी कुत्तों को साहिबगंज में भूतनाथ मंदिर रोड पर बने रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया। यह अस्थाई केंद्र निगम के पुराने जैविक खाद संयंत्र की जगह पर बनाया गया है, जहां रहने के लिए पिंजरे और ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था है।
एजेंसी के सुपरवाइजर अशोक कुमार के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक कुल 480 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है और इनमें से 450 कुत्तों की नसबंदी सफल रही है। निगम के नियम के मुताबिक कुत्तों को वापस उसी इलाके में छोड़ने से पहले चार दिन तक उनकी देखभाल और इलाज किया जाता है। स्थानीय लोगों को तुरंत सूचना देने के लिए एजेंसी के लोगों ने अपने मोबाइल नंबर बांटे हैं। नगर निगम इस एजेंसी को हर कुत्ते के पकड़ने, नसबंदी, इलाज, टीका लगाने और छोड़ने के लिए 1,610 रुपये का भुगतान करता है।
यह काम अभी इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कनाकाठी में 1.10 करोड़ रुपये की लागत से एक पक्का और आधुनिक एबीसी सेंटर बन रहा है। यह अभियान म्युनिसिपल कमिश्नर किसलय कुशवाहा के आदेश पर सैंडिस कंपाउंड जैसे इलाकों में लोगों की परेशानी को देखते हुए चलाया जा रहा है। एबीसी सेंटर के पशु चिकित्सक और सचिव डॉ. नाविश मेहरा ने बताया कि पांच लोगों की टीम एक गाड़ी से रोज 30 से 40 कुत्ते पकड़ती है और आगे लोगों की शिकायत सुनने के लिए एक अलग सेल और टोल-फ्री नंबर बनाने की योजना है।