त्योहार से पहले महंगाई! 10 दिन में 70 रुपये हुई चीनी, चाय और मिठाई के दाम बढ़े

MyBhagalpur Team26 August 20263 min read45 viewsBusiness
त्योहार से पहले महंगाई! 10 दिन में 70 रुपये हुई चीनी, चाय और मिठाई के दाम बढ़े

भागलपुर, 26 अगस्त। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम जनता की रसोई और व्यापारियों के बजट पर महंगाई की बड़ी मार पड़ी है। महज 10 दिनों के भीतर खुदरा बाजार में चीनी की कीमत 15 से 25 रुपये प्रति किलो तक बढ़कर 70 रुपये के आंकड़े को छू गई है। चीनी के दामों में आए इस अप्रत्याशित उछाल ने स्थानीय बाजार का गणित पूरी तरह बिगाड़ दिया है। इसका सबसे सीधा और तत्काल असर शहर की चाय दुकानों और मिठाई कारोबार पर देखने को मिल रहा है, जहां दुकानदारों ने घाटे से बचने के लिए अपनी कीमतें बढ़ा दी हैं।

चाय की दुकानों पर बढ़ी कीमतें

भागलपुर के कचहरी चौक, स्टेशन रोड, सुजागंज और तिलकामांझी जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में स्थित चाय दुकानों पर अब ग्राहकों को जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। खुदरा बाजार में चीनी महंगी होने के कारण चाय दुकानदारों ने प्रति कप दाम में 2 रुपये से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। पहले जो साधारण चाय 7 से 8 रुपये में मिलती थी, वह अब 10 रुपये की हो गई है। दूध और चीनी दोनों के बढ़ते खर्चों के कारण स्पेशल कुल्हड़ चाय की कीमत 15 रुपये से बढ़कर 18 से 20 रुपये प्रति कप तक पहुंच गई है। चाय दुकानदारों का कहना है कि चीनी के साथ-साथ दूध के दाम पहले से ही बढ़े हुए थे, ऐसे में चीनी की इस नई तेजी के बाद पुरानी कीमतों पर धंधा चलाना नामुमकिन हो गया था।

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मिठाई कारोबार पर असर

त्योहारों के ठीक पहले चीनी की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने भागलपुर के मिठाई निर्माताओं की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ा दी है। रक्षाबंधन पर मिठाइयों की मांग चरम पर होती है, लेकिन कच्चे माल की लागत बढ़ने से मिठाइयों के दाम 30 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। सामान्य मिठाइयां (पेड़ा, बर्फी, रसगुल्ला) जो पारंपरिक मिठाइयां पहले 280 से 320 रुपये प्रति किलो बिक रही थीं, उनकी कीमत अब बढ़कर 320 से 360 रुपये प्रति किलो हो गई है। प्रीमियम मिठाइयां (काजू कतली, छेना मिठाई) चीनी की चाशनी पर आधारित हैवी मिठाइयों के दाम में सीधे 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा देखा जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रक्षाबंधन के ऑर्डर पहले ही बुक हो चुके थे, लेकिन चीनी के अचानक महंगे होने से मुनाफे का मार्जिन पूरी तरह खत्म हो गया है। कई व्यापारियों को मजबूरन नए ऑर्डर्स के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं।

व्यापारियों और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया

बाजार के जानकारों का कहना है कि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने और आपूर्ति में कथित कमी के कारण थोक और खुदरा कीमतों में यह बड़ा अंतर आया है। तिलकामांझी के एक खुदरा किराना दुकानदार ने बताया कि 10 दिन पहले जो चीनी थोक में कम दाम पर मिल रही थी, वह अब काफी ऊंची कीमत पर आ रही है। इसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। गृहिणियों का कहना है कि त्योहारों के समय चीनी, मैदा और तेल जैसी जरूरी चीजों के महंगे होने से त्योहार का मजा फीका हो रहा है। स्थानीय प्रशासन से बाजार में कीमतों की निगरानी करने और जमाखोरी पर लगाम लगाने की मांग की जा रही है।

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